मनियर (बलिया)। नगर पंचायत मनियर की चर्चित ईओ मणि मंजरी राय के आत्महत्या केस में लगभग 50 दिनों से फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रहा है। अब तो ऐसा लग रहा है कि कहीं पुलिस इस इंतजार में तो नहीं है कि आरोपी हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक का आदेश लाकर उन्हें दे दें तो वे आगे की कार्रवाई शुरू करें। इस बीच सूचना है कि हाई कोर्ट में चेयरमैन भीम गुप्ता को अगली डेट आठ सितंबर की दी गई है, जबकि ईओ संजय राव के मामले की फाइल ही नहीं पुटअप की गई। उधर, बाबु इस फिराक में हैं कि उन्हें मौका मिले तो वे आत्म समर्पण कर दें। हालांकि इस बीच पुलिस भी 82/83 की कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है, जिससे आरोपियों के परिवार वालों में अब भय का माहौल है।
गौरतलब हो कि बीते छह जुलाई को नगर पंचायत मनियर की ईओ मणि मंजरी राय ने सुसाइड नोट लिखकर बलिया कोतवाली क्षेत्र स्थित आवास विकास कॉलोनी में अपने आवास में फांसी से लटकती हुई पाई गई थी। मणि मंजरी के भाई विजया नन्द राय की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने नगर पंचायत मनियर अध्यक्ष भीम गुप्ता, ईओ सिकंदरपुर संजय राव, टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कम्प्यूटर आपरेटर अखिलेश व चालक चंदन कुमार के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर चालक चन्दन कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की मानें तो शेष की तलाश में उत्तराखंड और बिहार के कई जिलों की खाक छानी गई, लेकिन कोई भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं लगा। इस समय हाल ये है कि पुलिस मामले के 50 दिन से अधिक बीत जाने के बाद भी खाली हाथ है। हां, इस बीच पुलिस ने अभियुक्तों पर दबाव बनाने के लिए गैर जमानती वारंट और 82/83 की कार्रवाई के तहत कुर्की जब्ती के प्रयास में जुट गई। जब अभियुक्तों के परिवार वालों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने इन पर आत्म समर्पण के लिए दबाव बनाना शुरू किया। इसी बीच चेयरमैन भीम गुप्ता और ईओ सिकंदरपुर संजय राव गिरफ्तारी पर रोक के आदेश के लिए हाई कोर्ट की शरण में पहुंचे। बीते 21 अगस्त को जब इनके मामले की सुनवाई हुई तो कोर्ट ने 27 अगस्त की डेट दी। 27 अगस्त को चेयरमैन भीम गुप्ता के मामले में कोर्ट ने अगली डेट आठ सितंबर दी है, जबकि ईओ संजय राव की फाइल पुटअप ही नहीं की गई।