बलिया/पंदह। बहुचर्चित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़े में शासन ने नवानगर ब्लॉक के वर्तमान बीडीओ देवेंद्र नाथ वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बीडीओ के सेवानिवृत्त होने के करीब एक पखवाड़े पूर्व यह कार्रवाई हुई है। जनवरी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना फर्जीवाड़े की गूंज प्रदेश स्तर तक पहुंची थी। मामले में तीन अधिकारियों और एक कर्मचारी पर पहले ही गाज गिर चुकी है।
मनियर ब्लॉक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा मिला था। शादीशुदा लोगों की शादी करा दी गई थी। इसका वीडियो वायरल हुआ था। इसमें युवतियां खुद अपने गले में वरमाला डालते हुई दिखाई दी थीं। इसके बाद जांच शुरू कराई गई थी। इसमें पता चला कि दलालों ने मिलीभगत कर 240 से अधिक फर्जी शादियां करा दी थीं। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दो सहायक विकास अधिकारी और एक लिपिक को निलंबित किया गया था। सीडीओ ओजस्वी राज ने बताया कि नवानगर ब्लॉक के बीडीओ देवेंद्र नाथ वर्मा को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदकों की पात्रता की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बीडीओ ने कर्तव्यों का सम्यक निर्वहन नहीं किया। बीडीओ की लापरवाही की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। इस क्रम में यह कार्रवाई की गई है।
सस्पेंड होने वाले चौथे अधिकारी बने देवेंद्र
पंदह। जिले के मनियर ब्लॉक में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हुए फर्जीवाड़े का मामला 10 माह बाद चर्चा में है। शासन ने मंगलवार को नवानगर बीडीओ देवेंद्र नाथ वर्मा को रिटायरमेंट से 15 दिन पहले निलंबित कर रुख स्पष्ट कर दिया।
गत 25 जनवरी को मनियर इंटर कॉलेज परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। इसमें 300 से अधिक युगल परिणय सूत्र में बंधे थे। फर्जीवाड़े से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। कई युवाओं के वीडियो भी सामने आए, जिसमें उन्होंने पैसे देकर दूल्हा बनाने की बात कही थी। सीडीओ ओजस्वी राज ने ब्लॉकवार टीम बनाकर जांच कराई। जांच टीम की रिपोर्ट के आधार पर तीन अधिकारी-कर्मचारी समेत 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सामूहिक विवाह में शासकीय धन के दुरुपयोग में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ दलालों की संलिप्तता भी सामने आ चुकी हैं। फर्जीवाड़े में अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से दलालों की बेचैनी बढ़ गई है। जांच में 240 अपात्रों की पुष्टि होने के बाद जिलास्तरीय अधिकारी मनियर, बांसडीह, रेवती और बेरुआबारी के विभागीय जिम्मेदारों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति पहले ही कर चुके हैं।