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विश्वविद्यालय के स्थानांतरण के खिलाफ मुखर हुए ग्रामीण, आंदोलन को चेताया

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बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के स्थानांतरण की उठ रही आवाजों के बीच शनिवार को बसंतपुर के ग्रामीणों की एक बैठक हुई, जिसमें कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय कैंपस को स्थानांतरित करने के निर्णय पर आक्रोश व्यक्त किया गया। कहा कि बसंतपुर शहीद स्मारक परिसर में स्थापित जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को रसड़ा कताई मिल में स्थानांतरित करना हमारे साथ धोखा है।
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बैठक में लोगों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर जी को सुरहाताल से विशेष लगाव था। चंद्रशेखर जी के आग्रह पर सैकड़ों काश्तकारों ने अपनी बेटी की भूमि मामूली मुआवजे पर शहीद स्मारक के लिए दी थी। बसंतपुर शहीद स्मारक में चंद्रशेखर जी के प्रयास से निर्मित अरबों रुपये के निर्मित भवनों एवं 60 एकड़ चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में स्थापना हुई। इसका लाभ आसपास की जनता और जनपदवासियों को मिलेगा लेकिन दुर्भाग्य है कि कुलपति की ओर से राज्यपाल को गलत सलाह देकर विश्वविद्यालय को रसड़ा क्षेत्र में स्थानांतरित करने का कुचक्र किया जा रहा है। चेताया कि कुलपति इस निर्णय से पीछे नहीं हटती तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन करने को बाध्य होगी और कुलपति को परिसर में घुसने नहीं दिया जाएगा। बैठक में ध्रुवनारायण सिंह, गजेंद्र पाल सिंह, महंत नित्यानंद मिश्र, अंजनी सिंह, उपेंद्र सिंह, दीपक सिंह, नीरज सिंह, ओपी पांडेय, दुष्यंत सिंह, वेदप्रकाश सिह, मनीष सिंह, राकेश सिंह, मनी सिंह, जयप्रकाश पांडेय, सोनू प्रसाद, विशालू प्रताप आदि उपस्थित रहे।
राज्यपाल से मिलकर नेता प्रतिपक्ष करेंगे शिकायत
बलिया। विश्वविद्यालय को स्थानांतरित करने को लेकर विपक्ष आक्रामक हो गया। सपा के कद्दावर नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने विश्वविद्यालय स्थानांतरण की कोशिश को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जनपदवासियों के सुझाव को स्वीकारते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिले के शैक्षिक विकास के लिए पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर के नाम पर विश्वविद्यालय की मंजूरी दी थी और स्वयं आकर उसकी स्थापना भी की थी। बसंतपुर शाहिद स्मारक के स्थान का चयन बहुत ही विचार विमर्श के बाद किया गया क्योंकि उस स्थान को स्वयं चंद्रशेखर जी ने संवारा एवं सजाया था। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि महान पदयात्री स्व. चंद्रशेखर जी मेरे राजनीतिक गुरु रहे हैं। उनके नाम पर स्थापित संस्था को विकास विरोधी वर्तमान सत्ता मिटाना चाहती है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसकी लड़ाई सदन से सड़क तक लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता इस लड़ाई को मजबूती से लड़ेंगे। सपा कार्यकर्ता 22 मार्च को जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित पत्रक देंगे। मैं स्वयं इस संबंध में महामहिम से भी मिलकर बात करेंगे।
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