अदालत ने दोषी को उम्रकैद की सजा के साथ ही जुर्माना भी लगाया है। धनराशि भुगतान नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त छह मास की सजा भुगतनी पड़ेगी। वहीं, साक्ष्य के अभाव में आरोपी मुकेश मिश्रा दोष मुक्त कर दिया गया। सजा सुनाने के समय न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे घृणित अपराधों में सजा न दी जाए तो विधि व्यवस्था की क्षति होती है। न्यायालय के प्रति जन सामान्य का विश्वास भी प्रभावित होता है। आपराधिक न्याय को भी क्षति पहुंचती है।
मुकदमा में फर्जी वादी को खड़ा कर सुलहनामा का आरोप
बलिया के भीमपुरा थाना के औराई खुर्द गांव निवासी दुर्गावती देवी ने कोर्ट में आवेदन दिया कि न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन में चल रहे मुकदमे में उसकी जगह फर्जी वादी को खड़ा कर सुलह नामा करा लिया गया है। सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पर संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
दुर्गावती देवी ने आरोप लगाया कि जेठानी ने मुझे व मेरे पुत्र पर दीवानी मुकदमा कर विपक्षी बनाया है। उन्होंने मेरी जगह पर किसी दूसरे को खड़ाकरा कर हलफनामा करा लिया। उक्त सुलहनामे पर न तो मेरे अंगूठे के निशान हैं, न ही मेरे पुत्र के हस्ताक्षर हैं। इस बाबत कोतवाल योगेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि कोर्ट के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
प्रधान की तहरीर चार पर मुकदमा
भीमपुरा के सीयर विकास खंड के ग्राम पंचायत कुचहरा के मौजा घघिला में प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री वॉल गिरने को लेकर ग्राम प्रधान संजय यादव ने गांव के ही एक नामजद और तीन व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
अपने तहरीर में पर आरोप लगाया है प्राथमिक विद्यालय घघिला का बाउंड्री वॉल कराया था, जिसे दिलीप कुमार व तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर बाउंड्री वॉल गिरा दिए, सुबह जब मौके पर पहुंचा तो गाली गलौज करते हुए मुझे जान से मारने की धमकी दी। थाना प्रभारी मदन पटेल ने बताया कि मामले पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।