सोहांव विकास खंड के कोरंटाडीह डाक बंगला के पास गंगा तट पर जांच करने के बाद खड़े नमामि गंगे दस्ताव?
- फोटो : BALLIA
नरही। नमामि गंगे परियोजना के तहत भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटैक) दिल्ली की चार सदस्यीय दो टीम बलिया आई हैं। परियोजना का उद्देश्य गंगा के उद्गम से लेकर गंगासागर तक गंगा के किनारे पांच किलोमीटर के दायरे में मौजूद मूर्त, अमूर्त एवं प्राकृतिक धरोहर, परंपरा, रीति-रिवाज, तीज त्यौहार आदि का दस्तावेजीकरण उनके मौलिक रूप में शामिल करना है।
एक टीम रविवार को उजियार स्थित गंगा भवन पहुंचने के बाद राजीव उपाध्याय के सहयोग से कोटवां नारायणपुर, नसीरपुर मठ, उजियार, भरौली के गांव घाटों का गहन निरीक्षण किया। भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटैक) की जिम्मेदारी भारत सरकार की सहायता, दस्तावेजीकरण एवं सुझाव प्रदान करना है। इसके साथ ही एक विस्तृत लिखित एवं वीडियो डॉक्यूमेंट्री नमामि गंगे (एनएमसीजी) जल शक्ति मंत्रालय को सौंपना है। इसके लिए यह टीम पूरे मनोयोग से अध्ययन करने में जुटी है। टीम में डॉ. सुमेश दुदानी, हरीश बेंजवाल, साजिद इदिरसी एवं तृप्ता सिंह रहे। इस मौके पर सत्य प्रकाश उपाध्याय, प्रदीप यादव, ब्रह्मानंद गिरी, मनीष उपाध्याय, अश्वनी उपाध्याय आदि ने सहयोग किया।