रामगढ़। जिलाधिकारी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी बलिया राजेश कुमार यादव ने गुरुवार को गंगा नदी के उस पार पचरुखिया मौजे से लेकर नौरंगा तक चल रहे ड्रेजिंग के कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उप जिलाधिकारी ने पांडेयपुर मौजे में किसानों के विरोध के कारण रुके ड्रेजिंग के कार्य को चालू कराने के लिए काश्तकारों से करीब दो घंटे तक बातचीत की और समझाने का प्रयास किया। लेकिन पांडेयपुर के काश्तकार अपनी जिद पर अड़े रहे कि हमारे मौजे में ड्रेजिंग का कार्य न किया जाए। इसके चलते एसडीएम सदर को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
गुरुवार की दोपहर सदर एसडीएम श्री यादव, यूपीपीसीएल के जेई एपी सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल लक्ष्मण सिंह व कानूनगो के साथ गंगा नदी के उस पार पचरुखिया मौजे में चल रहे दूसरे चरण की ड्रेजिंग के कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने यूपीपीसीएल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को काम में तेजी लाने का दिशा निर्देश दिया। कहा कि अब मानसून आने में कुछ दिन शेष बचे हैं ऐसे में काम की रफ्तार और तेज करें। इसके बाद सदर एसडीएम ने सदर तहसील के क्षेत्र पचरुखिया, मीनापुर, पुरुषोत्तमपुर मौजे का भी निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को निराकरण करने का आश्वासन दिया। इसके बाद एसडीएम ने बैरिया तहसील क्षेत्र के पांडेयपुर मौजा के काश्तकारों से भी बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना और शासन की मंशा के अनुरूप मिलने वाली सहायता राशि के बारे में भी बताया। करीब दो घंटे तक पांडेयपुर के काश्तकारों के साथ बातचीत करने के बाद सदर एसडीएम ने किसानों को एसडीएम बैरिया से भी वार्ता कराया। लेकिन पांडेयपुर के किसान अरुण पांडेय, बसंत पांडेय, संत पांडेय, सुनील पांडेय आदि एक ही जिद पर अड़े रहे कि हमारी कृषि योग्य भूमि में ड्रेजिंग का कार्य न किया जाए। अंतत: सदर एसडीएम ने सदर क्षेत्र के सभी मौजा का निरीक्षण कर किसानों को समझा तो लिया लेकिन बैरिया तहसील के काश्तकारों ने उनकी बात नहीं मानी। जिसके चलते एक बार फिर ड्रेजिंग के कार्य पर ग्रहण लगता दिख रहा है।
इस बाबत एसडीएम राजेश कुमार यादव ने बताया कि पांडेयपुर मौजा का मामला उच्च अधिकारियों के भी संज्ञान में है। इसका समाधान का प्रयास चल रहा है।