बांसडीहरोड। थाना क्षेत्र के दवनी एवं बिंद के छपरा गांव के समीप बोहा ताल के खेतों में सैलानी पक्षियों का शिकार कीटनाशक दवाओं से जोरों पर चल रहा है। बृहस्पतिवार की सुबह खेतों में किसानों ने कई सैलानी पक्षियों को मृत देखा। जबकि मौके से कीटनाशक दवा को कब्जे में लिया। सूचना के बाद भी वन विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
सैलानी पक्षी ठंड शुरू होते ही भोजन की तलाश में बोहा ताल में प्रति वर्ष आते हैं। बृहस्पतिवार को बोहा ताल में अपने खेतों में पंहुचे किसानों को देखकर पक्षियों का शिकार कर रहे शिकारी मौके से भाग निकले। भागने में शिकारियों ने कुछ पक्षियों को वहीं छोड़ दिया। इसके बाद जमीन पर अचेत पड़े पक्षियों को ग्रामीण उठाकर अपने साथ गांव ले आये और उनका इलाज करने का प्रयास किया। ग्रामीणों की शिकायत है कि गांव से दूर बोहा ताल क्षेत्र में रोजाना सैलानी पक्षियों का शिकार किया जा रहा है। बावजूद इसके वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अचेत पक्षी को ग्रामीणों ने गांव में लाकर उसका इलाज करने का प्रयास किया, लेकिन जान नहीं बच सकी। आशीष प्रताप सिंह ने बताया कि अक्सर ताल में शिकारियों के द्वारा पक्षियों का शिकार किया जाता है। आम किसान जो खेतों में काम करने गया है वह उनका विरोध नहीं कर पाता। सुंदर रंग बिरंगे पक्षी खाने की लालच में नीचे उतरते है और पहले से घात लगाए शिकारी उन्हें कीटनाशक दवा देकर अपना शिकार बना लेते हैं। बोहाताल क्षेत्र में किसी प्रकार का कोई प्रशासनिक डर अथवा समस्या नहीं होती। इसके रोकथाम की जिम्मेदारी जिनके पास है वे संसाधनों की कमी का रोना रोकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ले रहे हैं। इस बाबत डीएफओ श्रद्धा यादव ने बताया कि बोहा ताल में टीम बनाकर शिकारियों के विरुद्ध करवाई की जाएगी।