सूचना मिलने पर सोमवार रात में ही विधायक सुरेंद्र सिंह सैकड़ों समर्थकों के साथ दोकटी थाने पहुंच गए और थाने का घेराव कर दिया। इसके बाद दोकटी पुलिस बैकफुट पर आ गई। एसडीएम प्रशांत कुमार नायक व सीओ आरके तिवारी भी मौके पर पहुंच गए। विधायक के साथ दोनों अधिकारियों की देर रात तक हुई वार्ता के बाद पुलिस को कुछ लोगों को छोड़ना पड़ा। वहीं, हिरासत में लिए गए सभी लोगों को विधायक ने हवालात से निकलवा कर थाना दफ्तर में शिफ्ट कराया। इस बाबत क्षेत्राधिकारी बैरिया आरके तिवारी ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों के साथ मारपीट या प्रताड़ित करने की कोई घटना नहीं हुई है। विनायक मौर्य समेत सात लोगों को खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया गया है।
जो जिस भाषा में बात करेगा, उसी भाषा में जवाब पाएगा: सुरेंद्र सिंह
विधायक सुरेंद्र सिंह ने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के आचरण पर गंभीर आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा है कि लोकतंत्र में शिकायत करने का मौका सबको मिलना चाहिए। विनायक मौर्य भले बसपा से जुड़े हैं लेकिन उनकी शिकायत जायज थी, शिकायत की जांच होनी चाहिए थी, जबकि पुलिस ने उन्हें ही मारपीट कर बंद कर दिया। नितिन सिंह हैपी सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कानूनी कार्रवाई तो ठीक है लेकिन किसी पुलिस वाले ने गुंडागर्दी करने का प्रयास किया तो मैं भी हाथ में चूड़ियां नहीं पहने हूं। जो जिस भाषा में बात करेगा वह उसी भाषा में जवाब पाएगा चाहे वह कितना बड़ा अधिकारी क्यों न हो।