शटर पर कर दी थी वेल्डिंग
आरोप है कि विपक्षियों ने दुकान के शटर पर लोहे की रॉड लगाकर उसकी वेल्डिंग करा दी थी। इसे हटाकर दुकान का ताला खुलवाने के लिए सिविल न्यायालय ने आदेश भी दिया था। पीड़ित का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बावजूद दुकान खुलवाने के लिए कार्रवाई नहीं की।
इसी बीच आरोपियों ने मकान और दुकान के ताले तोड़कर वहां रखा सामान गायब कर दिया। पीड़ित के अनुसार, दुकान से करीब 10 लाख रुपये का सामान और मकान से लगभग 35 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर गायब हैं।
पत्नी और बेटी को मिले टूटे ताले
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 12 मार्च 2026 की शाम संतोष की पत्नी और बेटी दुकान व मकान पहुंचीं तो दोनों जगहों के ताले खुले मिले। अंदर सामान बिखरा पड़ा था। आरोप है कि पूछताछ करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और सामान बेच देने की बात कही।
मामले में मुन्ना गुप्ता, विशाल गुप्ता, आयुष गुप्ता, अखिलेश गुप्ता, मनीष गुप्ता, शिवनाथ गुप्ता, उर्मिला देवी और पूजा को आरोपी बनाया गया है। थानाध्यक्ष अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।