बलिया। केंद्र सरकार द्वारा लागू नई शिक्षा नीति के अंतर्गत एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में मान्यता देकर युवाओं के लिए सुनहरा अवसर प्रदान किया है। उक्त बातें 93 एनसीसी बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल डीएस मलिक ने शुक्रवार को कही।
प्रेस को जारी नोट में कर्नल मलिक ने बताया है कि अभी तक के स्कूल और कॉलेज में छात्रों को एनसीसी में अलग से नामांकन कराना पड़ता था और एनसीसी की विभिन्न परीक्षाएं उत्तीर्ण करने पर सर्टिफिकेट मिलते थे। इसका लाभ किसी शैक्षणिक योग्यता के रूप में नहीं मिलता था, लेकिन अब छात्रों को इससे शैक्षिक योग्यता का लाभ भी मिलेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के इस फैसले से छात्रों को एनसीसी अपने पाठ्यक्रम में चयनित करने का अधिकार प्राप्त होगा।
एनसीसी को 24 क्रेडिट के साथ इलेक्टिव विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है, जो भी छात्र एनसीसी को चयनित विषय के रूप में लेकर पढ़ेंगे, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। बताया कि विद्यार्थी अधिक जानकारी के लिए डीजी एनसीसी की वेबसाइट से पाठ्यक्रम व अन्य सूचनाएं हासिल कर सकते हैं। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के चीफ प्रॉक्टर एवं एनसीसी समन्वयक मेजर अरविंद नेत्र पांडेय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि एनसीसी से अधिकाधिक छात्रों को जोड़ने का अवसर मिलेगा।