एक सप्ताह पहले कोलनाला कुंड में पकड़े गए घड़ियाल के बाद फिर से सोमवार की रात बाघमरिया गांव में एक दरवाजे पर चढ़ते समय घड़ियाल दिखा। ग्रामीणों ने उसे काबू में किया। साथ ही रातभर उसकी निगरानी के बाद सुबह वन विभाग के कर्मचारियों की देखरेख में घाघरा में छोड़ दिया।
दल छपरा कुंड में घड़ियाल की दहशत अभी समाप्त नहीं हुई थी कि आठवें दिन सोमवार रात झरकटहां ग्रामसभा से बघमरिया गांव स्थित रमाशंकर वर्मा के दरवाजे के सामने उनकी पत्नी सुशीला देवी खाट पर बैठकर खाना खा रही थीं कि अचानक सड़क की ओर से एक लंबा, चौड़ा जीव उसके दरवाजे की तरफ रेंगता नजर आया।
सुशीला जोर-जोर से चिल्लाने लगी। उनकी आवाज सुनकर ग्रामीण उनके दरवाजे के सामने जुट गए। देखा कि यह विशालकाय घड़ियाल है। लोगों ने घड़ियाल को लाठी-डंडे तथा रस्से से बरसात की बूंदाबांदी के बीच काबू किया। सभी उसे लेकर प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में गए तथा वन विभाग को सूचित किया।
वन विभाग के अधिकारी रात में मौके पर नहीं पहुंचे। सुबह वन विभाग के रेंजर आरके मिश्र, शिव प्रसन्न यादव, मनोज उपाध्याय, सुबोध यादव, रंजीत सिंह, राजेश यादव आदि पहुंच गए। मौके पर पहुंचने के बाद ग्रामीण घड़ियाल के इस कारनामे पर गांव के युवकों को ईनाम देने की जिद पर अड़ गए।
घंटों जद्दोजहद चलता रहा। अंत में थानाध्यक्ष संजय सिंह मय पुलिस बल के हस्तक्षेप और समझाने बुझाने के बाद रेंजर मिश्र ने पकड़ने वाले गुड्डू, मिंटू, सुनील, गणेश, सुग्रीव, श्रीकृष्ण, संजय वर्मा आदि को एक हजार रुपये नकद दिया। उसके बाद युवकों ने घड़ियाल को पिकअप पर लाद कर वन विभाग के कर्मचारियों की देखरेख में घाघरा में छोड़ दिया।