आरोप है कि पूरी रात रक्तस्राव जारी रहने के बावजूद अस्पताल कर्मियों ने गंभीरता नहीं दिखाई और समय रहते उचित इलाज या रेफरल की व्यवस्था नहीं की। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर ध्यान दिया जाता तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। सोमवार सुबह करीब पांच बजे जब हालत अत्यंत गंभीर हो गई, तब उन्हें जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन भड़क उठे और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। बाद में एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ जयशंकर मिश्र सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।