कस्बा के गांधी पार्क के मैदान में बुधवार को लोक स्वाभिमान मंच के तत्वावधान में दयाशंकर सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी स्वाति सिंह का भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता ने ढोल-नगारे के साथ ही फूल माला से भव्य स्वागत किया। इस दौरान दया व उनकी पत्नी स्वाति ने गांधीजी के प्रतिमा माल्यार्पण किया। तत्पश्वात भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि जिस तरह से प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने बुआ व बसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के कहने पर आतंकवादी की भांति गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसे भुलाया नहीं जा सकता है। कहा कि मेरा सिर्फ इतना ही कसूर था कि मायावती को दलित एवं दौलत की बेटी कहा।
इतिहास गवाह है कि मायावती ने बिना पैसे का किसी को टिकट आज तक नहीं दिया है। जिसका जीता जागता उदाहरण सपा सरकार में गेस्ट हाउस कांड के आरोपी संग्राम सिंह यादव व अरुण कुमार मुन्ना पैसे के बल पर टिकट दिया था। बसपा पार्टी में पूरे प्रदेश में किसी जाति का सम्मान नहीं किया जाता है, क्योंकि इनके जितने जिलाध्यक्ष है। उन्हीं के जाति के होते है।
आगामी 2017 के विधान चुनाव में जनता सबक सिखाने का काम करेगी। स्वाति सिंह ने कहा कि पति द्वारा बहन के ऊपर जो टिप्पणी की गई थी। उनके कहने पर पति के ऊपर मुकदमा दर्ज किए गए। बावजूद बसपा के वरिष्ठ नेता नसीमुद्दीन सिद्दकी एवं राम अचल राजभर के नेतृत्व में मेरी बेटी और अन्य घरवालों को भद्दी-भद्दी गालियां दी गई, जिसका बदला जनता आगामी विधान सभा चुनाव में माफ नहीं करेगी।
इस मौके पर संजय जायसवाल, गोविंद नारायण सिंह, आशुतोष पांडेय, वाल्मीकि तिवारी, डा. रामानुज मिश्रा, रविंद्र तिवारी, ईं. प्रवीण कुमार, गोपाल सोनी, भानू प्रताप सिंह, दिनेश वर्मा, पवन सिंह, राजू श्रीवास्तव, भुनेश्वर राजभर, मनोज राम, सुमित बाबा, अनूप सिंह, दुर्गेश सिंह, गोविंद गुप्ता, श्याम कृष्ण गोयल आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता अध्यक्षता तेज बहादुर सिंह एवं संचालन राम कैलाश सिंह ने किया।