लगातार हो रही रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी से लोगों में आक्रोश है। महंगाई की मार से गृहस्थी बेपटरी हो गई है। लोग आर्थिक सुधारों के नाम पर जनता पर महंगाई का वार करने का आरोप लगा रहे हैं। सरकार से गैस की कीमतों में की गई वृद्धि को वापस लेने की मांग की गई है।
एलपीजी सिलिंडर के दाम में पिछले दिनों फिर 25 रुपए और गैर रियायती सिलिंडर के दाम में भी वृद्धि हुई है। इससे लोगों में आक्रोश है। गैस सिलिंडर पर जिस तरह महंगाई की मार छाई हुई है। उससे घरों की गृहस्थी गड़बड़ा गई है। इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि एलपीजी डीलरों के कमीशन में बढ़ोतरी करने के लिए सरकार ने आम आदमी पर महंगाई का बड़ा बोझ लाद दिया है। गैर सब्सिडी का सिलिंडर मिलने से मध्यमवर्गीय परिवार रोटी पकाने में भी सोच विचार करने में मजबूर हो गया है। गृहणी मीनू पांडेय ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने डीलरों का कमीशन बढ़ाया है। इसे क्यों बढ़ाया गया है यह समझ से परे है। आम आदमी पर सरकार महंगाई का कितना बोझ डालना चाहती है, उसे एक बार में ही स्पष्ट कर देना चाहिए। रोज-रोज की हाय-हाय और किटकिट दूर हो सके। कांग्रेस नेता सीबी मिश्र ने कहा कि यूपीए सरकार सभी मामलों में विफल हो चुकी है। डीलरों का कमीशन फिलहाल बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं थी। गैर सब्सिडी वाले सिलेंडर लेना निश्चित तौर पर अति मध्यम वर्गीय परिवार के लिए नामुमकिन सा हो गया है। गृहणी ज्योत्सना पांडेय ने कहा कि गैस सिलिंडर के दाम जिस तेजी से बढ़ रहे हैं उससे लगने लगा है कि आने वाले दिनों में खाना पकाना भी सबसे बड़ा एजेंडा हो जाएगा। सरकार आम आदमी की हत्या करने पर तुली है।