मंडलीय अस्पताल में इलाज को पहुंचे पर्यटक।
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परिजनों और घायलों के अनुसार, राजेश अपने साथियों शिवजी, बृजेश, अंगद और रोहित के साथ शनिवार रात करीब आठ बजे गांव से वाराणसी घूमने के लिए निकला था। सभी लोग रात करीब तीन बजे नमो घाट पहुंचे।
आरोप है कि गेट नंबर-1 पर मौजूद गार्डों ने घाट बंद होने की बात कहते हुए उन्हें रोक दिया और गाली-गलौज करने लगे। विरोध होने पर युवक वहां से लौटने लगे, तभी करीब 10 से 12 गार्डों ने उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि गार्डों ने डंडे, रॉड और बेल्ट से करीब दस मिनट तक सभी युवकों की पिटाई की। मारपीट के दौरान राजेश उर्फ चिंटू गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। वहीं शिव जी, बृजेश, अंगद और रोहित को भी गंभीर चोटें आई हैं।
घटना की सूचना पर इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को उपचार के लिए मंडलीय अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने राजेश उर्फ चिंटू को मृत घोषित कर दिया।
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक के शव को मंडलीय अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। मामले में चार सिक्योरिटी गार्डों को पकड़ा गया है, जबकि मारपीट में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।