गड़हा महोत्सव के मंच पर गायक गोपाल राय के साथ नृत्य करती भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह।
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बलिया। गड़हा विकास मंच की ओर से भरौली में आयोजित गड़हा महोत्सव में शनिवार की रात लोक गायकों ने अपनी प्रस्तुति से सुर सरिता बहाई। इस दौरान भोजपुरी गीतों को सुनकर श्रोता झूम उठे।
भोजपुरी जगत के स्टार भरत शर्मा व्यास ने गोरिया चान के अंजोरिया नियन गोर बाड़ू हो... सुनाकर वाहवाही लूटी। गायक गोलू राजा ने हृदय में भाव लेके मालिनिया... सुनाया। इसके बाद हमरा के चाही ना कमइया ए मोर सैंया... सुनाया तो दर्शक झूम उठे। गायक व अभिनेता गोपाल राय भी समय-समय पर कलाकारों का साथ दर्शकों को झुमाते रहे। भाजपुरी अभिनेत्री व गायिका अक्षरा सिंह ने प्रस्तुति देकर वाहवाही लूटी। नवोदित कलाकार अंशिका ने आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया....सब दूल्हा लागे बहुते कमाल सखिया... गाकर एक अलग ही तरह का माहौल बना दिया। वाराणसी के मशहूर कलाकार अमलेश शुक्ल अमन ने विवाह गीत माथे मउरा बांधी के अइले दूल्हा दामाद हो... गाया। आपन खोरिया बहार हो ....। गायक गुलशन ने अलग ही अंदाज में जय-जय गणेश जय महादेवा सुनाकर खूब तालियां बजवाई। आलोक कुमार ने जीता था जिसके लिए और दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है...जैसे गीतों से कार्यक्रम को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा दिया।मनोहर सिंह ने अंखिया के झुलुआ झुलावल कर...इस गीत पर नृत्यांगना हिना के ठुमके देख कई बार दर्शक बेकाबू हुए। गायिका बिजली रानी ने पियवा जात बाड़अ पुलिस के बहलिया में कुछुओ लेले अइह ललका रुमालिये में...। इस गाने पर दर्शक झूमने लगे।इसमें बाद मोहिनी द्विवेदी और निशा उपाध्याय ने अपने गीतों से खूब झुमाया। गायिका हैपी राय ने भी वाहवाही लूटी। इस मौके पर एमके सिंह, मनीष गुप्ता, अंकुर त्यागी, कन्हैया सिंह, कांता राय, सुनील राय, गजानन राय, रियाजुद्दीन राजू, अजय राय, रमेश यादव, मार्कण्डेय राय, अवधेश राय, गुड्डू राय, अभिषेक राय, प्रशांत राय बंटी, सौरभ सिंह रानू, विजयानन्द सिंह बिजुल आदि थे। संचालन विजय बहादुर सिंह ने किया।
गड़हा महोत्सव को दिलाएंगे सरकारी दर्जा : मस्त : बलिया। गड़हा महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि गड़हा महोत्सव भोजपुरी को उसके ऊंचे मुकाम पर ले जा रहा है। आयोजकों से कहा कि एक विस्तृत नोट तैयार करें। इसे सरकार का आयोजन बनवाएंगे। प्रयास होगा कि अगली बार इसे सरकार आयोजित कराए। कहा कि भरत शर्मा और अन्य गायकों ने भोजपुरी गीत की परंपरा को समृद्ध बनाने का काम किया है। उन्होंने भोजपुरी में अपनी बात संसद में रखते हैं। क्योंकि यह गांव की भाषा है। कहा कि मेरी पगड़ी देख अमेरिकन एम्बेसी के लोगों ने अमेरिका में भाषण देने के लिए बुलाया लेकिन मेरी पगड़ी उतारने को कहा। मैंने कहा पगड़ी नहीं उतारूंगा। चाहे अमेरिका जाऊं या न जाऊं। कहा कि भोजपुरी में ही यह ताकत है कि इससे पूरा शरीर सक्रिय हो जाता है।