बांसडीहरोड सोनवानी मार्ग पर लगे पानी में साइकल लेकर असंतुलित हो गए बालक को देखते छात्र एवं राहगीर।
मूसलाधार बारिश की चाह में आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे आमजनों की ख्वाहिश आखिरकार शुक्रवार की शाम पूरी हो गई। लगातार चार घंटे के झमाझम बारिश ने तन, मन को तो भिगोया ही। साथ ही खेतों को लबालब कर दिया। बारिश के कारण ताल-तलैयों में भी पानी जमा हो गया। उमस से जहां राहत मिली, वहीं मौसम भी खुशनुमा हो गया।
मानसून के आने के बाद पहली बार मूसलाधार बारिश हुई। जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे और शनिवार से रोपनी के कार्य में किसान जुट गए। खरीफ की फसलों में भी जान आ गई। किसानों के लिए खुशखबरी यह है कि बारिश का आसार सोमवार तक है। मौसम विभाग पटना के निदेशक एके सेन ने बताया कि सोमवार तक बारिश होने के आसार है। नरहीं के किसान ओमप्रकाश राय ने बताया कि मक्के की बुआई किए थे। अंकुर निकलने के बाद कीट-पतंगों का प्रकोप बढ़ गया था। बारिश होने के बाद कीट-पतंगों से निजात मिल गया है। नरहीं के किसान दीपू राय, शशि कमल राय ने कहा कि बारिश ने किसानों की खरीफ की फसल व धान की फसल के लिए यह बारिश सोने पर सुहागा साबित हुई है। लेकिन किसान बाढ़ की आशंका को लेकर सहमे हुए हैं।
बांसडीहरोड प्रतिनिधि के अनुसार मूसलाधार बारिश से किसान काफी गदगद दिखे। दूसरे दिन शनिवार को भोर से ही किसान रोपनी के कार्य जुट गए। वहीं सड़कों पर जल जमाव से राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भरौली संवददाता के मुताबिक शुक्रवार की रात हुई झमाझम बारिश से क्षेत्र में धान की रोपाई में तेजी आई गई है। ऐसे में किसानों के सामने मजदूरों का संकट भी बढ़ गया है। एक साथ धान की रोपनी शुरू होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है।