विशाल की माता किरन सिंह, बहन श्वेता सिंह, भाभी मोनी सिंह व भाई सन्नी सिंह के चीत्कारों से सबका कलेजा फटता जा रहा था। मौजूद लोगों के आंखों से अनायास ही आंसू निकल रहे हैं। लोग रह-रह कर फफक-फफक के रोते रहे। विशाल का अंतिम संस्कार गंगापुर स्थित गंगा घाट पर किया गया। इस दौरान वाराणसी यूनिट से आर्मी जवानों के अलावा जालंधर के जवान मौजूद रहे। वाराणसी यूनिट से आए जवानों ने माता किरन सिंह व भाई सन्नी को तिरंगा झंडा देते हुए ढांढस बंधाया।