बलिया। शहर कोतवाली पुलिस ने राइफल के कारतूस की बिक्री में हेराफेरी करने और जालसाजी के आरोप में एक शस्त्र विक्रेता और उसके भाई को शुक्रवार की शाम गिरफ्तार किया। इस मामले में शहर कोतवाली प्रभारी बाल मुकुंद मिश्र की तहरीर पर थाना क्षेत्र के लोहापट्टी मोहल्ले के शस्त्र विक्रेता सेराज आलम और उसके भाई मेराज आलम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शनिवार को जेल भेज दिया गया।
कोतवाली परिसर में शनिवार को इसका पर्दाफाश करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि दुबहर थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से अवकाश प्राप्त मैनेजर सिंह के पास राइफल (315 बोर) का शस्त्र लाइसेंस है। विक्रेता ने इन्हें बीते 27 व 28 अगस्त और एक सितंबर 2020 को प्रतिदिन 50-50 कारतूस देने की जानकारी दी थी। लेकिन पुलिस अधिकारियों की जांच में यह बात सामने आई कि शस्त्र विक्रेता ने मैनेजर सिंह को केवल 10 कारतूस ही दिया है। वहीं उनका लाइसेंस लेकर उस पर अवैध तरीके से 150 कारतूस देने की भी जानकारी सामने आई। एएसपी ने बताया कि पिछले दिनों शस्त्र लाइसेंस पर 100 से अधिक कारतूस लेने वाले मामले की जांच कराई गई। जिसमें यह बात सामने आई कि शस्त्र विक्रेता ने मैनेजर सिंह को सिर्फ 10 कारतूस देकर 140 कारतूस अनाधिकृत रूप से किसी और को बेच दिया है। बताया कि मैनेजर सिंह ने पुलिस को केवल 10 ही कारतूस मिलने की जानकारी दी थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक सुनील लांबा व अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।