बलिया। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों की 69000 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अभ्यर्थी विवादित प्रश्नों पर आपत्तियों को एक सप्ताह के भीतर राज्य सरकार के सामने प्रस्तुत करें। राज्य सरकार इन आपत्तियों को यूजीसी के पास भेजेगी। यूजीसी इन आपत्तियों का निस्तारण करेगी। अब मामले की अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी। इसके चलते जिले के 1600 अभ्यर्थियों की नियुक्ति अधर में लटक गई। बुधवार को पहले दिन डॉयट पर कुल 598 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी हो गई थी। दोपहर बाद शासन से आदेश मिलने के बाद प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।
बताया जाता है कि लखनऊ बेंच में याचियों ने शिक्षक भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा के 13 सवालों पर सवाल उठाया था। याचियों का कहना है कि बेसिक शिक्षा विभाग ने जो आंसर की जारी की है, उसमें उन सवालों के उत्तर कुछ और थे जबकि एनसीईआरटी की किताबों में कुछ और दिया है। हाईकोर्ट ने एक जून को इस मामले में अंतरिम राहत के बिंदु पर सुनवाई कर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था। बुधवार को जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने अपना आदेश सुनाते हुए शिक्षक भर्ती पर स्टे लगा दिया। बताया जाता है कि शिक्षक भर्ती का परिणाम निकलने के बाद जिले में बुधवार को पकवानईनार स्थित डॉयट पर चयनित अभ्यर्थियों की काउंसलिंग भी शुुरु हो गई थी। बीएसए शिवनारायण सिंह ने बताया कि करीब 600 अभ्यर्थियों की काउंसलिंग हो गई थी लेकिन अपराह्न में शासन से आदेश मिलने के बाद प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।