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वाहन चालकों की नियुक्ति निरस्त

Tue, 28 Mar 2017 10:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीके सिंह द्वारा जनपद में वाहन चालकों के 10 पदों पर फर्जी तरीके से की गई नियुक्ति को उत्तर प्रदेश शासन के सचिव आलोक कुमार ने 16 मार्च को महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उत्तरप्रदेश को पत्र जारी कर निरस्त करने का आदेश दे दिया है। साथ ही पत्र लिखकर दोषी अधिकारी एवं कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा है। सचिव के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग के संबंधित बाबूओं पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। सूत्रों की माने तो जल्द ही कुछ बाबूओं के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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बता दें कि वर्ष 2015-16 में स्वास्थ्य विभाग में वाहन चालकों की फर्जी नियुक्ति के मामले में शासन ने बीते दिनों मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीके सिंह को निलंबित कर दिया था। यह नियुक्तियां यूपी सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन कमीशन द्वारा की जानी थी। लेकिन सीएमओ ने स्वयं रिक्तियों पर सभी को वेतन भी जारी कर दिया था। स्वास्थ विभाग में कुल 09 चालकों की नियुक्तियां होनी थी। नियुक्तियों से पहले शासन ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया था कि चालकों की नियुक्तियां यूपीएसएसएससी द्वारा की जाएगी। पहले की तरह डीएम और सीएमओ नियुक्तियां नहीं करेंगे । आदेश के बाद भी मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके सिंह ने गलत तरीके से ना केवल चयन समिति बनाई। बल्कि निर्धारित 9 से अधिक संख्या में चालकों की नियुक्तियां कर दी। यही नहीं सभी का वेतन भी भुगतान कर दिया। इसकी जानकारी होने पर शासन ने वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए प्रकरण की जांच करवाई। प्रथम दृष्टया आरोप सही मिलने पर सीएमओ को निलंबित कर दिया। इस मामले में उत्तर प्रदेश शासन के सचिव आलोक कुमार ने 16 मार्च को चिकित्सा एवं स्वास्थ सेवाएं के महानिदेशक को पत्र लिखकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीके सिंह द्वारा वाहन चालकों के 10 पदों पर अनियमित नियुक्ति करने के मामले में नियुक्तियों को निरस्त करने तथा दोषी अधिकारियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
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