बलिया। मौसम के बदलाव से लोग खांसी-जुकाम और त्वचा रोग से परेशान हैं। खांसी 15 दिन बाद भी ठीक नहीं हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना खांसी से पीड़ित 40 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक इसे मौसमी वायरल संक्रमण का असर बता रहे हैं।
जिला अस्पताल में शनिवार को करीब 1153 मरीजों इलाज कराने पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार, बीते एक सप्ताह में दिन में तेज धूप व रात में ठंड सेहत पर बुरा असर डाल रही है। सर्दी जुकाम व गले के खराश के साथ खांसी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। बहुत से मरीज गले में संक्रमण, टॉसिल की समस्या और कान में दर्द से पीड़ित हैं। फिजिशियन डॉ. आरके झा ने बताया कि संक्रमण ज्यादातर गले और श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहा है।
मरीजों में गले में दर्द, बलगम, बुखार और खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कई मरीजों के जांच में पाया गया कि 15 दिन तक खांसी ठीक नहीं हो रही है। ऐसे मरीजों के बलगम की जांच भी कराई जा रही है। तापमान नीचे जाने, सुबह-शाम के तापमान में अंतर होने पर थोड़ी सी लापरवाही घातक हो रही यही। ठंड, धूलकण, प्रदूषण और ठंडी वस्तुओं के सेवन से बीमारी लंबे समय तक टिक रही है। सलाह दी है कि ठंडी हवा से बचाव करें, गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें और गरम पानी पीएं और भाप लें। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लें।
वहीं, त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि त्वचा संबंधी रोगी ठंड में बढ़े हैं। ठंड के चलते नमी होने से त्वचा में सूखापन आ जाता है। इससे चेहरे पर चक्कते, खुजली आदि की शिकायत होती है। साथ ही एक्जिमा भी परेशान कर रहा है। ओपीडी में करीब 65 मरीजों को परामर्श व उपचार दिया गया।