कलेक्ट्रेट में आत्मदाह करने के लिए पहुंचा परिवार।
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बलिया। सुखपुरा थाने में तैनात एक एसआई की ओर से आटोरिक्शा सीज करने के बाद आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा करनई निवासी विश्वकर्मा पासी अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में आत्मदाह करने पहुंचा। इस दौरान एलआईयू कर्मियों ने आत्मदाह से पहले सभी को पकड़ लिया। पीड़ित ने एसआई पर बेवजह आटो सीज करने का आरोप लगाया और जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित ने बताया कि उसने बैंक से लोन लेकर परिवार के जीविकोपार्जन के लिए आटो लिया था। प्रतिदिन की भांति वह 19 अक्तूबर 2019 को गड़वार तिराहे पर आटो के साथ मौजूद था। जहां गांव का एक व्यक्ति दो दोस्तों के साथ पहुंचा और हमें मारने पीटने लगा। इसके बाद मेरी आटो लेकर फरार हो गया। इसकी तहरीर देने के लिए वह सुखपुरा थाने गया, जहां से बताया कि मामला कोतवाली का है, वहां तहरीर दीजिए। वहां से कोतवाली ने सुखपुरा थाने को पत्रक भेजा। जिसके बाद सुुखपुरा थाने में तैनात एसआई ने मेरी आटो और अभियुक्तों को पकड़ थाने लाये। जहां मुझे भी बुलाया गया। इसके बाद इसके बाद पुलिस ने आरोपी को अंदर बुलाकर बात की और उसे सुबह आटो ले जाने की बात कहकर भगा दिया और आरोपी को छोड़ दिया। जब वह आटो लेने पहुंचा तो एसआई ने यह कहकर भगा दिया कि तुम्हारी गाड़ी का चालान हो गया है अदालत से जाकर छुड़वा लो। इसके बाद पता चला कि मेरी गाड़ी को सीज कर दी गई है। इससे परिवार भूखमरी के कगार पर आ गया है। बताया कि हर जगह न्याय के लिए दौड़ा, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। मजबूर होकर ऐसा निर्णय लेना पड़ा।