बलिया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर जल संचयन और संरक्षण की व्यवस्था की जा रही है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसकी पहल प्रशासन स्तर से तेज हो गई है। जिले में पहले चरण में 41 आंगनबाड़ी केंद्रों का चयन किया गया है।
बारिश के पानी का सदुपयोग हो सके और भूजल स्तर में वृद्धि हो सके। इससे आंगनबाड़ी पोषण वाटिका की सिंचाई भी की जाएगी, जिससे पोषण वाटिका को हरा-भरा किया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल का कुशल उपयोग करना और सामुदायिक स्तर पर जल संरक्षण का संदेश फैलाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बच्चों और ग्रामीण महिलाओं को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जिससे जल की बर्बादी रुकेगी और भूजल स्तर में सुधार होगा।
आंगनबाड़ी केंद्रों की छतों और परिसरों से वर्षा जल एकत्र करने के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।
इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत, आंगनबाड़ी केंद्रों में पाइपलाइन से सुरक्षित पेयजल आपूर्ति भी किया जा रहा है। जिले में 3471 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। इस पर 3234 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तैनात है। इसमें शून्य से छह साल के बच्चों को शिक्षा के साथ ही उनके स्वास्थ्य के बारे में बताया जाता है।
डीपीओ केएम पांडेय ने बताया कि 41 आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना है। जल निगम की तरफ से ब्लाॅक स्तर पर चयन की प्रक्रिया को पूरी कर ली गई है। संवाद