त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर वोटर लिस्ट संशोधन की जिम्मेदारी जिन बीएलओ के हाथों सौंपी गई है, वही उसकी शुचिता के साथ लगातार खिलवाड़ कर रहे हैं। सूची दुरुस्त करने के नाम पर असल वोटरों के नाम काटने की धड़ल्ले से शिकायतें आ रहीं है।
यह हाल किसी एक इलाके का नहीं है बल्कि जिले के अधिकांश विकास खंडों में ये समस्या है। हद तो ये है कि संशोधन के नाम पर तो कहीं-कहीं गांव के प्रधान का नाम ही सूची से गायब कर दिया गया है।
सूची में गड़बड़ी को लेकर लोग आंदोलित होने लगे हैं। भले ही अफसर लाख दावे करें कि संबंधित फार्म भर कर अपना नाम जोड़वा लें लेकिन ये मुद्दा गांव की राजनीति को गरमा रहा है और आरोप-प्रत्यारोप के माहौल को बढ़ा रहा है।
विकास खंड हनुमानगंज में 53 ग्राम पंचायतों की जगह अब 58 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। यहां कई ग्राम पंचायतों में वर्तमान ग्राम प्रधान समेत पूर्व ग्राम प्रधानों के नाम भी वोटर लिस्ट से गायब हो गए हैं।
बसंतपुर के वर्तमान ग्राम प्रधान नित्यानंद का भी वोटर लिस्ट से नाम गायब हो चुका है। वहीं इस गांव के पूर्व प्रधान विजय प्रताप सिंह सहित 1485 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है।
लेकिन जो व्यक्ति बाहर रहते हैं या मर चुके हैं। उनका नाम अभी तक नहीं काटा गया है। भीखपुर व श्रीपुर प्रधान जेपी सिंह के गांव के 300 नाम गायब हो चुके हैं। ऐसे करके क्षेत्र के लगभग प्रत्येक गांव के सैकड़ों लोगों का नाम सूची से गायब है।
विकास खंड मुरलीछपरा और बैरिया ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची से सैकड़ों जीवित और मूल मतदाता का नाम ही गायब कर दिया गया है। आलम यह है कि आए दिन बीएलओ के साथ ग्रामीणों की तू-तू, मैं-मैं हो रही है।
प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि मृत और शादी करके ससुराल गई लड़कियों का नाम हटाने कि बजाए बीएलओ ने मूल मतदाताओं को ही विलोपित कर दिया है।
बैरिया और मुरलीछपरा ब्लाक क्षेत्र में आबादी से 124 फीसदी मतदाता बना दिए गए थे। बाद में जिला प्रशासन के दबाव पर बीएलओ ने उसे सुधारने के नाम पर मूल मतदाताओं का नाम ही विलोपित कर दिया। जब मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ तो गांव के लोग अपना नाम गायब देख हतप्रभ रह गए।
बानगी के तौर पर मुरलीछपरा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुरारपट्टी में पिछले पंचायत चुनाव के समय 2626 में से 1212 मतदाताओं का नाम काट दिया गया। यही हाल बैरिया विकास खंड के दुर्जनपुर, श्रीकांतपुर, टेंगरही, उपाध्यायपुर आदि पूरे तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायतों की है।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी बैरिया राधेश्याम पाठक ने बताया कि जिन मतदाताओं का नाम सूची से काट दिया गया है वे बीएलओ के पास से प्रारूप दो फार्म भरे साथ ही प्रारूप दो फार्म के साथ विधानसभा की मतदाता सूची का फोटो कापी संलग्न करें। 21 अगस्त तक का समय है इसके पहले फार्म जमा करने पर मतदाता सूची में काटे गए मतदाताओं का नाम शामिल करा दिया जाएगा।
नवानगर में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बाद कई खामियां सामने आ रहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बीएलओ द्वारा मृतक, नाबालिग अथवा दो जगह के मतदाताओं का नाम भले नहीं हटाया गया है, लेकिन वास्तविक मतदाताओं का नाम सूची से जरूर गायब कर दिया गया है।
जिससे मतदाताओं में जहां आक्रोश है, वहीं चुनाव लड़ने वाले संभावित प्रत्याशी एक - दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे हैं। विकास खंड मनियर के महथापार के ग्राम प्रधान अनिल पांडेय समेत उनके परिवार के सदस्य और डेढ़ सौ समर्थकों का नाम मतदाता सूची से गायब कर दिया गया है।
वहीं विकास खंड नवानगर के सिसोटार ग्रामसभा के दो पूर्व प्रधान क्रमश : शिवकुमार मिश्र एवं उर्मिला मिश्रा समेत उनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम सूची ने गायब कर दिया गया है। इसको लेकर गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो चुकी है।