बैरिया क्षेत्र के पांडेपुर निवासी छट्ठू शर्मा (50) के सीने में बुधवार रात अचानक तेज दर्द उठा। हालत बिगड़ती देख ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव उर्फ सतन यादव ने प्राइवेट एम्बुलेंस से बलिया ले जा रहे थे। एम्बुलेंस में पेट्रोल कम था। वे टेंगरही स्थित भूषण पेट्रोल पंप पर रुके। प्रधान ने पंप संचालक से गुहार लगाई कि मरीज की हालत नाजुक है, उसे बचाने के लिए सिर्फ पांच लीटर पेट्रोल दे दें, लेकिन संचालक ने 'स्टॉक खत्म है' कहकर पल्ला झाड़ लिया।
प्रधान ने उप जिलाधिकारी बैरिया संजय कुशवाहा को फोन कर मदद मांगी, लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली थी। छट्ठू शर्मा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। किसी तरीके से बाइकों से निकाल कर पेट्रोल एंबुलेंस में डाला गया और एंबुलेंस को सीएचसी सोनबरसा ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।
घटना को जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह ने गंभीरता से लिया । इसकी जांच के साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश के बाद एडीएम, डीएसओ देवमणि मिश्रा, एसडीएम बैरिया, पूर्ति निरीक्षक और स्थानीय पुलिस शुक्रवार को पेट्रोल पंप पर पहुंची। घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया। जांच में पता चला कि एंबुलेंस पंप पर पहुंची थी और वहां उसे पेट्रोल नहीं मिला।
ऑडियो वायरल होने से नाराजगी
उपजिलाधिकारी संजय कुशवाहा से ग्राम प्रधान सत्येन्द्र यादव उर्फ सतन यादव ने एंबुलेंस को पेट्रोल दिलवाने का आग्रह किया था। इसके बावजूद उप जिलाधिकारी ने प्राइवेट वाहन बताकर पेट्रोल दिलवाने में कोई सहायता करने से इनकार कर दिया था। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर उप जिलाधिकारी पांच लीटर पेट्रोल की व्यवस्था कर दिए होते तो शायद छट्ठू शर्मा समय से अस्पताल पहुंच गए होते और उनकी मौत नहीं होती।
जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तेल रिजर्व में रखने का भी कोई आदेश नहीं था। एंबुलेंस को तेल दिया जाना जरूरी होता है। पेट्रोल पंप मैनेजर मानवता भी भूल गया। इस तरह की लापरवाही और जमाखोरी को बर्दाश्त नही किया जाएगा। - इंद्रेश तिवारी, पूर्ति निरीक्षक