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UP: एंबुलेंस में पेट्रोल खत्म, कर्मी बोला- स्टॉक नहीं है, अस्पताल पहुंचने से पहले मरीज की मौत; जानें मामला

Sat, 25 Apr 2026 08:59 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।

सार

Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का यह मामला काफी शर्मनाक है। परिजनों के अनुसार, प्रधान ने उप जिलाधिकारी बैरिया से भी मदद मांगी लेकिन सिर्फ निराशा मिली। बताया गया कि उस समय 4595 लीटर पेट्रोल, 3475 लीटर प्रीमियम पेट्रोल और 4784 लीटर डीजल स्टॉक में उपलब्ध था।
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छट्ठू शर्मा की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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Ballia News: एंबुलेंस को तेल देने से मना करने पर पूर्ति निरीक्षक बैरिया इंद्रेश तिवारी ने पेट्रोल पंप के मैनेजर अशोक भारती निवासी बहादुरपुर ब्लाॅक बेलहरी के विरुद्ध बैरिया थाने में तहरीर दी। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई है। साथ ही अन्य कार्रवाई के लिए संबंधित तेल कंपनी को पत्र भेजा जा रहा है।

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प्रभारी निरीक्षक बैरिया आरपी सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार जिस समय एंबुलेंस को यह कहकर पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया गया कि पंप का स्टॉक खाली है। उस समय 4595 लीटर पेट्रोल, 3475 लीटर प्रीमियम पेट्रोल और 4784 लीटर डीजल स्टॉक में उपलब्ध था।

प्रभारी निरीक्षक के अनुसार संबंधित मुकदमे में गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। पूर्ति निरीक्षक बैरिया इंद्रेश तिवारी से पूछा गया कि क्या पेट्रोल पंप का लाइसेंस निलंबित होगा या उसे सीज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इसका निर्णय इंडियन आयल करेगा।

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परिजनों में मचा कोहराम

बैरिया क्षेत्र के पांडेपुर निवासी छट्ठू शर्मा (50) के सीने में बुधवार रात अचानक तेज दर्द उठा। हालत बिगड़ती देख ग्राम प्रधान सत्येंद्र यादव उर्फ सतन यादव ने प्राइवेट एम्बुलेंस से बलिया ले जा रहे थे। एम्बुलेंस में पेट्रोल कम था। वे टेंगरही स्थित भूषण पेट्रोल पंप पर रुके। प्रधान ने पंप संचालक से गुहार लगाई कि मरीज की हालत नाजुक है, उसे बचाने के लिए सिर्फ पांच लीटर पेट्रोल दे दें, लेकिन संचालक ने 'स्टॉक खत्म है' कहकर पल्ला झाड़ लिया।

प्रधान ने उप जिलाधिकारी बैरिया संजय कुशवाहा को फोन कर मदद मांगी, लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली थी। छट्ठू शर्मा ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। किसी तरीके से बाइकों से निकाल कर पेट्रोल एंबुलेंस में डाला गया और एंबुलेंस को सीएचसी सोनबरसा ले जाया गया। वहां चिकित्सक ने मरीज को मृत घोषित कर दिया।

घटना को जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह ने गंभीरता से लिया । इसकी जांच के साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश के बाद एडीएम, डीएसओ देवमणि मिश्रा, एसडीएम बैरिया, पूर्ति निरीक्षक और स्थानीय पुलिस शुक्रवार को पेट्रोल पंप पर पहुंची। घटना के समय की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया। जांच में पता चला कि एंबुलेंस पंप पर पहुंची थी और वहां उसे पेट्रोल नहीं मिला।

ऑडियो वायरल होने से नाराजगी
उपजिलाधिकारी संजय कुशवाहा से ग्राम प्रधान सत्येन्द्र यादव उर्फ सतन यादव ने एंबुलेंस को पेट्रोल दिलवाने का आग्रह किया था। इसके बावजूद उप जिलाधिकारी ने प्राइवेट वाहन बताकर पेट्रोल दिलवाने में कोई सहायता करने से इनकार कर दिया था। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर उप जिलाधिकारी पांच लीटर पेट्रोल की व्यवस्था कर दिए होते तो शायद छट्ठू शर्मा समय से अस्पताल पहुंच गए होते और उनकी मौत नहीं होती।
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जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तेल रिजर्व में रखने का भी कोई आदेश नहीं था। एंबुलेंस को तेल दिया जाना जरूरी होता है। पेट्रोल पंप मैनेजर मानवता भी भूल गया। इस तरह की लापरवाही और जमाखोरी को बर्दाश्त नही किया जाएगा। - इंद्रेश तिवारी, पूर्ति निरीक्षक
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