स्वास्थ्यकेंद्र पर मरीजों का उपचार करते चिकित्सक।
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बलिया। 81 स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेले में वायल फीवर, खांसी, गले में खरास, दाद-खाज सहित अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज पहंुचे। 60 फीसदी से अधिक सरकारी अस्पतालों पर एलोपैथी की जगह आयुष, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय ने मरीजों का किया।
मेले के नोडल अधिकारी योगेंद्र दास ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की कमी है। इसके बावजूद 3360 मरीजों का इलाज हुआ है और 16 मरीज रेफर कि गए।
भीमपुरा : जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर किरिहरापुर न्यू पीएचसी पर मरीजों का इलाज फार्मासिस्ट ने किया। 14 मरीज चिकित्सक के अभाव में वापस लौट गए। वहीं, भीमपुरा नंबर दो स्वास्थ्य केंद्र पर डॉ. अजीत कुमार ने 31, इंद्रौली मलकौली स्वास्थ्य केंद्र पर फार्मासिस्ट दिग्विजय सिंह ने 20 तथा मालीपुर स्वास्थ्य केंद्र पर आयुष चिकित्सक डॉ. खालिद ने 51 मरीजों का उपचार किया। नगरा में पीएचसी पर 58 मरीजों का इलाज किया गया। डॉ. गोविंद सोनकर, फार्मासिस्ट प्रमोद पटेल, होम्योपैथ के चिकित्सक अभिमन्यु सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे। पूर : पीएचसी गढ़मलपुर पर फार्मासिस्ट अनुराग 22 मरीजों का उपचार किया। पूर पीएचसी पर फार्मासिस्ट पंकज कुमार ने 15 मरीजों का इलाज किया।
होम्योपैथी चिकित्सक हरिश्चंद्र ने 17 मरीजों को दवा दी। आरोग्य मेले में आयुर्वेद चिकित्सक अनुपस्थित रहे। चिलकहर : पीएचसी चिलकहर पर डॉ. प्रशांत कुमार ने 32 मरीजों की जांच कर दवा दी। पीएचसी कुरेजी पर फार्मासिस्ट राकेश सिंह ने 25 मरीजों का इलाज किया