नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी।
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बलिया। सूबे के केवल चालीस ही नहीं बल्कि सभी जिले भयावह स्थिति से गुजर रहे हैं। यह अच्छी बात है कि राज्य सरकार के प्रवक्ता के तौर पर रोज मीडिया के सामने आ रहे एक अधिकारी ने 40 जिलों की स्थिति पर राज्य सरकार के अंसतोष को कबूल किया है। इसे मुख्यमंत्री को गंभीरता से लेना चाहिए और जब तक स्थिति संतोषजनक नहीं हो जाती है, उत्तर प्रदेश कोरोना मुक्त नहीं हो जाता है, तब तक के लिए उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आगे किसी भी तरह की कोई लापरवाही न हो। ये बातें रविवार को नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने मीडिया को जारी अपने बयान में कही।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि सूबे में शासन का मतलब वर्तमान में कुछ खास लोगों और उनसे जुड़े इलीट वर्ग का हित रह गया है। आम आदमी के साथ क्या व्यवहार हो रहा है, उसका ताजा आंकलन आंबेडकर नगर के उस रोते पिता की तस्वीर से की जा सकती है जिसका बेटा बिस्किट खरीदने गया था और पुलिस ने उसे बेरहमी से पीट दिया जिससे उसकी मौत हो गई। कहा कि हाईवे पर मजदूरों को मुर्गा बनाने वाले, समूह में बैठाकर मजलूमों पर केमिकल छिड़काव करने वालों और पैदल घर आ रहे मजदूरों की पिटाई के मामलों में मुख्यमंत्री ने कड़ी कार्रवाई की होती तो इस तरह की और घटनाएं नहीं होती।