बांसडीह। लॉकडाउन में निजी फाइनेंस कंपनियां उपभोक्ताओं पर जबरन किस्त देने का लगातार दबाव बना रही हैं। वैश्विक महामारी की वजह से बड़ी संख्या में लोग नौकरी से हाथ धो बैठे हैं। ऐसी स्थिति में घर में नमक रोटी चलाना जहां मुश्किल हो गया है वहीं निजी फाइनेंस कंपनियों के एजेंट कर्जदारों पर किस्त देने के लिए घर-घर जाकर दबाव बनाने का काम कर रह हैं।
बांसडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत एक व्यक्ति को एक निजी फाइनेंस कंपनी के एजेंट ने बीच बाजार में रोक कर लोन पर ली गई बाइक का किस्त जमा करने का दबाव बनाया। पीडि़त ने बताया कि मार्च के बाद अपने बच्चों का भरण पोषण नहीं कर पा रहा हूं। ना बाहर जा सकता हूं ना खेती किसानी के लिए पैसे बचे हैं। दो पहिया लिया था ताकि अपने बच्चों को स्कूल छोड़ सकूं। कोरोना महामारी में घर का खर्च चलाना भी बहुत मुश्किल हो चुका है। इस स्थिति मैं किस्त कैसे देे पाऊंगा। बताया कि फाइनेंस कंपनी के दबाव के कारण रात को नींद नहीं आती है।