फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जलस्तर में वृद्धि के बाद बाढ़ की संभावना बढ़ी

विज्ञापन
बेल्थरारोड तहसील के चैनपुर गांव के पास फैला सरयू नदी का पानी। - फोटो : BALLIA
विज्ञापन
बेल्थरारोड। सरयू नदी के तेवर तल्ख हो गए हैं। पिछले 48 घंटे के दौरान जलस्तर में वृद्धि जारी है। लाल निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली नदी बढ़ाव पर है। ऐसे में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार को अपराह्न जलस्तर 64. 170 मीटर दर्ज किया गया। जबकि लाल निशान 64.010 है।
विज्ञापन

आयोग का कहना है कि आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे के दौरान जलस्तर में वृद्धि जारी रखने का पूर्वानुमान किया है। लाल निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बहने वाली नदी का पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैल गया है। तुर्तीपार का श्मशान घाट और चैनपुर गुलौरा का कब्रिस्तान पानी में डूब गया है। हाहानाला से चैनपुर गुलौरा होते हुए टगुनिया ग्राम के विस्तृत भू-भाग में नदी का पानी फैल गया है। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। तुर्तीपार ग्राम तीन तरफ से पानी से घिर गया है। तटवर्ती रिहायशी क्षेत्रों के निकट से होकर पानी बह रहा है। हाहानाला, तुर्तीपार और हल्दीरामपुर रेगुलेटर पर पानी का दबाव बढ़ गया है। जलस्तर में वृद्धि से तटवर्ती चैनपुर गुलौरा, मठिया, महुआतर, खैरा खास, तुर्तीपार, मुजौना, बेल्थरा बाजार, सहिया, सोनबरसा, हल्दीरामपुर आदि ग्रामों के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। उधर, तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। बाढ़ के खतरे से निपटने को लेकर प्रशासन चौकन्ना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें