बलिया। करंट से दो संगी बहनों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग का रवैया नहीं बदला। आंचल 17 वर्ष व अलका यादव 12 वर्ष के परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद एक स्वीपर ने 500-500 रुपये मांगे। चचेरे भाई ने पांच सौ रुपये स्वीपर को दिए भी लेकिन फिर से पैसा मांगने पर परिजन भड़क गए। वीडियो ग्राफर की भी व्यवस्था पुलिस नहीं कर सकी। परिजनों ने खुद ही वीडियो ग्राफर की व्यवस्था की।
मौके पर तैनात पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत किया। परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम करने से पूर्व पांच सौ रुपये दिए थे। पुलिस के समझाने पर परिजन व रिश्तेदार शांत हो गए। घटना के बाद परिजन पिता के आने के बाद पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद ने पोस्टमार्टम के दौरान वीडियो फोटोग्राफी का निर्देश दिया था। पुलिस को वीडियो ग्राफर नहीं मिला। तब छात्राओं के परिजनों ने वीडियो ग्राफर का इंतजाम किया।
इस बाबत थाना प्रभारी सुशील दुबे ने बताया कि पुलिस वीडियो ग्राफर को पैसा दे रही थी लेकिन उसने बताया कि हमको मिल गया है। परिजनों को पैसा देने का प्रयास किया गया लेकिन वह लोग शव लेकर चले गए। वहीं, पोस्टमार्टम के प्रभारी फार्मासिस्ट सुरेंद्र यादव ने कहा कि स्वीपर पर कुछ लोग पैसा मांगने का आरोप लगा रहे थे। पूरे मामले की जानकारी नहीं है। शव के पोस्टमार्टम के लिए कोई पैसा नहीं लगता है।