जिले में बाढ़ का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। द्वाबा में रिंग बंधा टूटने के बाद मची तबाही अभी थमी भी नहीं थी कि शनिवार की सुबह गाजीपुर जिले के कनुवान गांव में टूटी पुलिया के पानी से गड़हांचल के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए। यह पानी कोटवा नारायणपुर से चितबड़ागांव तक तेजी से फैलना शुरू हो गया है। सैकड़ों एकड़ धान की फसल डूब गई है। फसलों को डूबते देख किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
गड़हांचल में बाढ़ के पानी का प्रवेश करीब एक पखवाड़ा पहले ही हो गया था। लेकिन फसलों कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा था।
शनिवार को कोटवानारायपुर-लट्ठूडीह मार्ग पर कुनवान गांव के पास पुलिस टूटने से पूरे गड़हांचल के गांव टीले में तब्दील हो गए हैं। गड़हांचल के विश्वंभर पाह, रामगढ़, टुटुआरी, एकौनी, मेड़वरा कला और मेडवरा खुर्द, दुलारपुर, नसीरपुर, विश्वेश्वरपुर, इब्राहिमपुर, नर्सिंगपुर, लड्डूपुर, शहाबुद्दीनपुर, पिरोजपुर, रामापुर, सोहांव, पिपरा, चौरा, कथरिया, दरियापुर, करंजा, कैथवली आदि गांवों के अलावा कोटवानाराणपुर के गाजीपुर जिले में स्थित मसोन, खोरनपुर, कनुवान, बेलुकहा, सुरनी, फतूल्लहपुर आदि दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गये हैं।
पीड़ित किसान नरहीं निवासी प्रेम कुमार राय, अमरनाथ राय एवं कोटवानारायणपुर निवासी गिरिजा राय आदि का कहना है कि गड़हांचल को टापू में तब्दील होने से किसानों की कमर पूरी तरह से टूट गई है। निकट भविष्य में इसकी भरपाई संभव नहीं है। प्रशासन भले ही मुआवजे की बात करता हो, लेकिन वह मुआवजा देगा वह गत वर्ष बारिश के कारण हुए फसल की बर्बादी के बाद देखने को मिला।