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छठ के बाद लगातार शहर में लग रहा जाम

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बलिया। धनतेरस, दिवाली और छठ बीतने के बाद लोगों ने यह सोचकर राहत की सांस ली थी कि अब शहर को जाम से मुक्ति मिल जाएगी। लेकिन इसके बाद भी शहर में जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। मंगलवार को तो हाल ये था कि शहर का कोई भी इलाका ऐसा नहीं था, जहां जाम न लगा हो। लगभग सभी प्रमुख सड़कों पर यातायात रुक सा गया था। गलियों तक में लोग फंसे हुए थे। छठ बीतने के बाद लगन और ददरी मेला शुरू हुआ तो शहर एक बार फिर जाम की चपेट में है। मंगलवार को पूरे दिनभर ट्रैफिक पुलिस जाम छुड़ाने में ही व्यस्त रही। बावजूद इसके जाम से निकलने में लोगों को घंटे लग गए।
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कचहरी तिराहा
दोपहर- 12.10
यहां रेल ओवर ब्रिज से गुजरने वाली गाड़ियां नीचे उतरती हैं और सिकंदरपुर, गड़वार, बांसडीह आदि के लिए रवाना होती हैं। यहीं बगल में ही रोडवेज का बस स्टैंड भी है। अक्सर यहां जाम बसों के उल्टा घुसने की वजह से लगता है, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं करते। मंगलवार को यहां पूरे दिन लोग जाम से जूझते नजर आए।
चित्तू पांडेय चौराहा
दोपहर- 12.25
चौराहे से गुजरे से बिना आप वाराणसी, लखनऊ या बिहार के बक्सर की ओर जा ही नहीं सकते। चौराहे के पास ही रेलवे का फाटक है जो ट्रेनों के आने के समय बंद होता है और उसके बाद मचती है वाहनों की चिल्ल पों। मंगलवार को इस चौराहे से गुजरने में लोगों को महज सौ से डेढ़ मीटर की दूरी तय करने में एक से डेढ़ घंटे लग गए। हाल ये था कि जैसे ही ट्रैफिक के सिपाही आवागमन सही करा रहे थे, वैसे ही फाटक बंद हो जा रहा था और फिर वही जाम।
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विशुनीपुर चौराहा
12.40
जिला महिला अस्पताल की ओर जाने का प्रमुख मार्ग इसी चौराहे से होकर जाता है। मंगलवार को चित्तू पांडेय चौराहा के जाम से मुक्ति पाने वाहनों को यहां आकर एक बार फिर जाम से दो-चार होना पड़ रहा था। हाल ये था कि ट्रैफिक का जवान जैसे एक तरफ को जा रहा था, दूसरी तरफ के लोग जाम लगा दे रहे थे।
ओक्डेनगंज चौराहा
12.55
इस चौराहे के बगल में ही पुलिस चौकी है, लेकिन लग रहा था जैसे जाम छुड़ाने का काम सिर्फ ट्रैफिक वालों के ही जिम्मे है। क्योंकि पूरे दिन इस चौराहे पर चौकी का कोई सिपाही जाम छुड़ाने में उनकी मदद करने नहीं आया। हाल ये था कि चौराहे पर सभी तरफ के वाहन चालक मनमाने तरीके से चल रहे थे, जिससे लोगों को जाम से जूझना पड़ रहा था।
आर्य समाज रोड तिराहा
01.15
यहां से होकर लोग चौक की तरफ जाते हैं। चौक में वैसे भी हर वक्त जाम की स्थिति रहती है, लेकिन मंगलवार को तो इस चौराहे से चौक की तरफ जाने की स्थिति ही नहीं बन पा रही थी। पूरे दिन लोग जाम में एक-दूसरे से लड़ते-भिड़ते रहे, लेकिन कुछ पीआरडी जवानों को छोड़कर यहां कोई भी जाम छुड़ाने के लिए आगे नहीं आ रहा था।
स्टेशन मालगोदाम रोड
01.25
रेलवे स्टेशन से मालगोदाम, भृगु आश्रम, कदम चौराहो होते हुए बैरिया और बिहार के छपरा जाने का ये मुख्य मार्ग मंगलवार को पूरे दिन जाम की चपेट में रहा। इस रोड पर जाम का एक प्रमुख कारण दुकानदार भी हैं, जो दुकान खोलने के साथ ही अंदर का आधा माल सड़क की पटरी पर पूरे अधिकार के साथ रख देते हैं। अधिकारी भी राजनीतिक दबाव के कारण कुछ बोल नहीं पाते और पब्लिक पूरे दिन जाम झेलती है।
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