गोपालनगर टाड़ी में हो रहे कटान को देखते ग्रामीण।संवाद
बलिया। लगभग पांच दिनों तक ठहराव और घटाव के बाद गंगा के जलस्तर में 24 घंटे से बढ़ोतर दर्ज की जा रही है। इससे तटवर्ती इलाकों में फिर दहशत है। गंगा में तीन सेमी प्रतिघंटे के हिसाब से जलस्तर बढ़ रहा है।
दया छपरा में गंगा नदी के जलस्तर में एक बार फिर तेजी से बढ़ोतरी शुरू होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों में हलचल बढ़ गई है। द्वाबा इलाके के 15 गांव प्रभावित बाढ़ की जद में हैं। गांव की गलियों और नालियों में पहले से पहुंचा बाढ़ का पानी अभी भी ठहरा हुआ है। इस बीच फिर से बढ़ाव जारी हो गया है। इससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के गायघाट गेज के अनुसार रविवार की शाम गंगा का जलस्तर 58.41 मीटर दर्ज किया गया। गंगा खतरा बिंदु 57.615 मीटर को पार कर करीब 74 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में करीब तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी जारी है।
पूर्वानुमान के अनुसार गंगा के जलस्तर में अभी और वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। प्रयागराज और वाराणसी में चार-चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है, जबकि गाजीपुर और बलिया में भी तीन-तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। पहले से जलजमाव की समस्या झेल रहे लोगों को अब दोबारा बाढ़ का पानी बढ़ने की आशंका सताने लगी है।
सरयू के जलस्तर में वृद्धि से बाढ़ का मंडराने लगा खतरा
बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में गिरावट के बाद शनिवार से वृद्धि शुरू हो गई। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि खतरे के निशान से नदी 33 मीटर नीचे बह रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 63.68 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि लाल निशान 64.01 मीटर है। पिछले 24 घंटे से जलस्तर में वृद्धि का क्रम शुरू हो गया, जो रविवार को भी जारी रहा। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान किया है। इससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। संवाद