रसड़ा। अधिवक्ता बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट रसड़ा के अधिवक्ताओं की बैठक राधेश्याम चौबे की अध्यक्षता में हुई। उच्च न्यायालय द्वारा सायंकालीन न्यायालय चलाए जाने के आदेश का विरोध किया। न्यायिक कार्य से विरत रहे।
राधेश्याम चौबे ने कहा कि न्यायालय द्वारा न्यायाधीश की कमी का भार अधिवक्ताओं पर डालने के लिए सायंकालीन कोर्ट की व्यवस्था रखी गई है, जो अति निंदनीय है। अधिवक्ता समाज कोई बंधुआ मजदूर नहीं है जो सुबह से रात्रि तक न्यायिक कार्यों में लगा रहे। सभी का अपना परिवार है और परिवार भी हमसे अपेक्षा रखता है।
कमलेश तिवारी ने महिला वादकारियों एवं महिला अधिवक्ताओं की होने वाली समस्याओं पर प्रकाश डाला। कहा कि महिला अपने परिवार की कर्ताधर्ता होती है। ऐसी स्थिति में सायंकालीन न्यायालय को चलाना उचित और व्यावहारिक नहीं है।द्वारिका सिंह, विनोद सिह, इंद्र देव यादव, सूर्य प्रकाश सिंह, इन्द्र जीत तिवारी, राम शब्द यादव पंकज दूबे बृजेश पाल थे। संचालन सुशील सिंह ने किया।