सिकंदरपुर। तहसील प्रांगण में शनिवार को अलाव जलाने को लेकर अधिवक्ता व तहसीलदार के बीच बात ही बात में विवाद इतना बढ़ गया कि अधिवक्ताओं ने तहसीलदार के ऊपर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए तहसील में हंगामा शुरू कर दिया और नारेबाजी की। इससे कुछ देर के लिए पूरे तहसील में अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
बताया जाता है कि तहसील परिसर में कड़ाके की ठंड को देखते हुए कुछ अधिवक्ता तहसीलदार राम नारायण वर्मा से मिलकर तहसील प्रांगण में अलाव जलाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान तहसीलदार द्वारा यह कहा गया कि चिह्नित स्थलों पर अलाव जलाया जा रहा है, तहसील प्रांगण में नहीं जलेगा। इसी को लेकर अधिवक्ता संघ ने बैठक कर तहसील सभागार में यह निर्णय लिया कि जब तक तहसीलदार सिकंदरपुर का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा, तब तक उनके न्यायालय का बहिष्कार किया जाएगा। उनका आचरण लोक सेवक की तरह नहीं है। जबकि तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने बताया कि कुछ अधिवक्ता अलाव जलाने की मांग को लेकर मेरे पास आए थे, मैंने उनसे यह कहा कि चिह्नित स्थानों पर अलाव जलाया जा रहा है। उनके जाने के बाद तुरंत हल्का लेखपाल को बुलाकर सूची को देखा और तहसील परिसर में अलाव जलाने का निर्देश दिया। किसी भी अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया है यह आरोप बेबुनियाद है।