बैरिया। तहसील बार एसोसिएशन बैरिया के नेतृत्व में विभिन्न न्यायालयों से गायब मुकदमों की पत्रावलियों के संबंंध में करीब डेढ़ माह से आंदोलन चल रहा है। इस मामले में डीएम मंगला प्रसाद सिंह के निर्देश पर एडीएम फाइनेंस अनिल कुमार और सीआरओ त्रिभुवन कुमार ने न्यायालयों का निरीक्षण करने के बाद गायब पत्रावलियों की सूची जांच के लिए तलब की है। इस क्रम में विभिन्न न्यायालयों से गायब कुल 136 मुकदमों की पत्रावलियों की सूची तहसील प्रशासन ने सौंपी है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जो मुकदमे कंप्यूटर पर दर्ज हैं, केवल उन्हीं गायब पत्रावलियों की सूची तहसील प्रशासन ने सौंपी है।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव, देवेंद्र मिश्र आदि ने कहा कि कंप्यूटर पर दर्ज मुकदमे जो पुकार में हैं, उनकी सूची एडीएम और सीआरओ को सौंपी गई है। 2023 से अब तक 1000 से अधिक मुकदमों को आदम पैरवी में खारिज कर दिया गया है। उनमें से अधिकाधिक मुकदमों में रेस्टोरेशन दाखिल कर आदेश करा दिया गया है। बावजूद इसके उन मुकदमों को कंप्यूटर में दर्ज नहीं किया गया है। उन गायब 1000 पत्रावलियों की सूची नहीं सौंपी गई है। बीबी टोला बैरिया निवासी मंटू गुप्ता ने बताया कि मेरा मदन बनाम कौशल्या की पत्रावली कलेक्ट्रेट से एसडीएम के आदेश पर मंगवाई गई, लेकिन पत्रावली न्यायालय से गायब है। एडीएम और सीआरओ को दी सूची में मदन बनाम कौशल्या का नाम भी नहीं है।
सौंपी गईं ये पत्रावलियां
तहसील प्रशासन ने जांच के लिए आए एडीएम और सीआरओ को एसडीएम प्रशासनिक न्यायालय से गायब धारा 116 की विनय आदि बनाम शिवजी आदि, सुरेंद्र बनाम नंदलाल आदि, धारा 209 ज की जनार्दन बनाम हरिहर आदि, धारा 76(1) की रिपोर्ट क्षेत्रीय लेखपाल बैरिया बनाम उमेश आदि सहित 54 पत्रावलियां गायब होने की सूची सौंपी।
एसडीएम न्यायिक न्यायालय से गायब धनराज आदि बनाम राजेंद्र आदि, मनरिका यादव बनाम ददन यादव, रघुनाथ चौरसिया बनाम नरेंद्र आदि, विमला देवी बनाम अजय आदि सहित 38 मुकदमों की गायब पत्रावलियों की सूची दी गई है। तहसीलदार न्यायालय की 44 मुकदमों की गायब पत्रावलियों की सूची सौंपी गई है।
तहसील बार एसोसिएशन को पत्र लिखकर गायब पत्रावलियों की सूची मांगी गई है। अगर मुकदमों की पत्रावलियां गायब हैं तो अधिवक्ता मुकदमा नंबर सहित सूची उपलब्ध करवाएं। इसके बाद पत्रावलियां नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- आलोक प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी, बैरिया