नगर पालिका में एक सप्ताह पहले टेंडर विवाद को लेकर मारपीट के बाद उपजे विवाद के लिए कसूरवार और कोई नहीं, बल्कि सूबे के कबीना मंत्री नारद राय हैं। मंत्री के इशारे पर जो कुछ भी हुआ, वह असहनीय रहा। पूरा जनपद दहशत में था और जलने के कगार पर पहुंच गया।
अगर भाजपा ने सूझबूझ से काम नहीं लिया होता, तो माहौल बिगाड़ने वाले कुछ भी कर सकते थे। अब भी इसे शांत करने की जगह मंत्री नारद राय प्रतिदिन अलग-अलग बयान देकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। ये बातें फेफना से भाजपा विधायक उपेंद्र तिवारी ने एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में कही।
विधायक ने कहा कि मंत्री मीडिया के सामने बार-बार झूठ बोलकर अमन-चैन को खतरा पहुंचाना चाहते हैं। कहा कि मेरे ऊपर आरोप लगाया जा रहा है कि मैंने वाराणसी में रामप्रसाद जायसवाल को ट्रामा सेंटर में भर्ती नहीं होने दिया। प्रकरण की जांच करा ली जाए।
बात सही निकली है तो राजनीति से संयास ले लूंगा, बात गलत निकलती है तो मंत्री खुद सन्यास लेने के लिए तैयार रहें। कहा कि ट्रामा सेंटर के चिकित्सकों ने खुद ही रामप्रसाद को कम चोट होने के बावजूद रेफर कर दिया। जिसे मंत्री नारद राय ने वाराणसी के कबीर चौरा सदर अस्पताल में भर्ती कराकर वहां से रेफर दिखाकर दूसरे जगह ले गए। वह चेन्नई में उपचार की बात कह रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है। बलिया में जो स्थिति पैदा हुई है, उसके लिए जिला प्रशासन के साथ तीनों मंत्री जिम्मेदार हैं।
कहा कि पिछली सरकार के अधिकांश अधिकारी अब भी जिले में जमे हैं। बंदी के दौरान फिल्मी स्टाइल में रिवाल्वर कनपटी पर सटाने वाले और दौड़ाकर गोली मारने वाले के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि देवतानंद तुरहा और राकेश चौबे को पुलिस ने वाराणसी में ही हिरासत में ले लिया, और मंत्री कहते हैं कि दोनों ठीक हो जाएं, तब कार्रवाई होगी।
विधायक ने देवतानंद तुरहा के पुत्र दीपक को सामने लाते हुए कहा कि इसके परिवार केे लोगों को बार-बार धमकी दी जा रही है कि मुकदमा वापस ले लो, नहीं तो गैंगस्टर, एनएसए सहित मुकदमे लाद दिए जाएंगे। कहा कि अगर लक्ष्मण गुप्ता को शुरू में ही न्याय मिल गया होता तो यह नौबत ही नहीं आती।
बंदी के दिन सुबह में भी एक युवक की कनपटी पर रिवाल्वर सटाने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया होता तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता। लेकिन यह पूर्व नियोजित कार्यक्रम था, जिसे मंत्री संरक्षण दे रहे हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह ने प्रकरण को संज्ञान में लेकर प्रदेश नेतृत्व को अवगत करा दिया है। आगे की रणनीति उनके निर्देश पर बनाई जाएगी।