सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह पर रविवार की रात प्रसव के दौरान तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद मंगलवार को अपर स्वास्थ्य निदेशक आजमगढ़ डा. निरंकार सिंह तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीके सिंह सायंकाल पहुंचे। अधिकारी द्वय ने वहां मौजूद चिकित्सक, फार्मासिस्ट, स्टाप नर्स, एएनएम, दाई के साथ ही पीडि़त परिवार के लोगों का भी अलग-अलग बयान दर्ज किया।
एडी ने स्वास्थ्य केंद्र पर दी जाने वाली सुविधाओं तथा साफ-सफाई और तैनात चिकित्सकों की ड्यूटी को लेकर भी गहन छानबीन की। मरीजों का रजिस्टर और प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में बारीकी से पड़ताल की। जांच-पड़ताल के दौरान एडी ने वहां ड्यूूटी पर तैनात चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। स्वास्थ्स केंद्र का कायाकल्प देखकर मरीज एवं उनके तीमारदार हैरान थे। सभी के जुबान से एक ही बात निकल रही थी कि ये सतर्कता पहले दिखाई होती तो शायद नवजातों को बचाया जा सकता था।
सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह पर रविवार की रात प्रसव के दौरान एक-एक कर तीन नवजात शिशुओं की मौत ने स्वास्थ्य महकमे को हिलाकर रख दिया है।
इतना ही नहीं इस घटना से जिला प्रशासन की नींद भी हराम हो गई है। मंगलवार को आलम यह था कि अस्पताल पर तैनात समस्त चिकित्सक एवं कर्मचारी समय से उपस्थित दिखे। मरीजों का न केवल चिकित्सीय परीक्षण हुआ, बल्कि दवा आदि की सुविधा भी मुहैया कराई गई। इतना ही नहीं पूरे कैंपस और अस्पताल की साफ-सफाई भी चुस्त-दुरुस्त कर दी गई थी। एक दिन पहले तक स्वास्थ्य केंद्र बांसडीह पर सुविधाएं नदारद थीं। लेकिन प्रसव के दौरान शिशुओं की मौत ने सभी को सकते में डाल दिया है।
घटना के बाद वहां हर व्यवस्था 24 घंटे के अंदर दुरूस्त कर दी गई। सीएचसी पर कभी न दिखने वाले चिकित्सक और कर्मचारी भी समय से उपस्थित नजर आए। मरीजों की भी तादात ठीक रही, लेकिन डिलेवरी वाली महिलाएं डर के मारे नहीं पहुंची। इस कारण प्रसूता केंद्र सुनसान रहा। आलम यह रहा कि जिस बेड पर कभी चादर नहीं दिखती थी, सभी पर चादरें लगीं थी।
उधर घटना के बाद शासन के निर्देश पर मंगलवार को सायंकाल बांसडीह पहुंचे अपर स्वास्थ्य निदेशक डा. निरंकार सिंह तथा सीएमओ पीके सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। साथ ही इस प्रकरण में सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कहा कि हर हाल में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति में परिवर्तन होना जरूरी है। जिससे आम आदमी तक शासन की सुविधाओं को पहुंचाया जा सके। उन्होंने जनपद के सभी सीएचसी और पीएचसी पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरूस्त कराने की बात कही। एडी की जांच के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि दोषियों पर गाज गिरनी तय है।