बांसडीह। कोतवाली क्षेत्र के केवरा गांव में मायके वालों ने विवाहिता ज्योति को दहेज की लालच में 29 जून को जहर देकर मारने और शव को गायब करने का आरोप लगाया है। मायकेवालों की ओर से मंगलवार को तहरीर मिलने पर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। बिहार के छपरा सारण के वार्ड एक निवासी सत्येंद्र सिंह ने बांसडीह कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि पुत्री ज्योति की शादी 12 दिसंबर 2016 को केवरा निवासी संजय सिंह के साथ की थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही दहेज को लेकर दामाद संजय सिंह और परिजन उसे प्रताड़ित करने लगे। ज्योति के साथ मारपीट भी करते थे। संजय सिंह व्यवसाय के लिए हमेशा पैसे के मांग करते थे। पंचायत के माध्यम से समझाने का प्रयास किया लेकिन उन लोगों ने किसी की बात नहीं सुनी। पुत्री को दो संतान भी हुई। संजय सिंह दो लाख रुपये के लिए अड़े रहे और पुत्री से जबरदस्ती मोबाइल के माध्यम से कहलवाते रहे। 29 जून की रात संजय सिंह ने सहयोगियों के साथ पुत्री की हत्या कर शव कहीं छिपा दिया। इसकी सूचना उन्हें रिश्तेदारों से मिली। सीओ बांसडीह प्रभात कुमार ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
ऑटोरिक्शा चलाते हैं ज्योति के पिता
बलिया। ज्योति के पिता सतेंद्र सिंह ने बताया कि ऑटोरिक्शा चलाकर जीवन यापन करता हूं। बहुत सी बातों को पुत्री मुझे नहीं बताती थी। यह कह कर सतेंद्र सिंह फफक कर रोने लगे।
सरयू में प्रवाहित किया था पत्नी का शव
एएसपी अनिल कुमार झा ने बताया कि ज्योति सिंह की शादी केवरा निवासी संजय सिंह के साथ नौ वर्ष पूर्व हुई थी। पिता की सूचना पर आरोपी संजय सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी संजय सिंह ने बताया कि विवाद को लेकर उसकी पत्नी ज्योति सिंह ने जहरीला पदार्थ खा लिया था। इलाज के लिए ले जाते समय मौत हो गई। शव को जला दिया गया है। कड़ाई से पूछताछ करने पर संजय सिंह ने बताया कि पत्नी के शव को सरयू नदी में प्रवाहित कर दिया है। शव की तलाश के लिए कुड़िया घाट सरयू नदी पर तलाश की जा रही है। थाने पर अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।