सिकंदरपुर/बांसडीह। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों ने सिकंदरपुर तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह और मंत्री प्रदीप कुमार पासवान के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
साधारण शिकायत पर एंटी करप्शन और विजिलेंस टीम की ओर से जबरन ट्रैप की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किया।
अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने कहा कि दो जनवरी को गाजीपुर के तहसील कासिमाबाद के लेखपाल को फंसाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में स्पष्ट है कि संबंधित लेखपाल शिकायतकर्ता के गांव से दो किलोमीटर दूर किसी दूसरे गांव में पैमाइश कर रहा था।
शिकायतकर्ता ने वहां पहुंचकर लेखपाल की जेब में पैसा डाला। लेखपाल ने नाराज होकर पैसा बाहर निकाल वापस किया। इतनी ही देर में एंटी करप्शन की टीम ने लेखपाल को उठा लिया।
वहां मौजूद लोगों द्वारा बार-बार बताया भी गया कि लेखपाल ने कोई पैसा नहीं लिया है। ग्रामीणों ने थाने पर पहुंच इसका विरोध भी किया। इससे स्पष्ट होता है कि लेखपाल को जबरदस्ती फंसाया जा रहा है। लखनऊ के तहसील सरोजनी नगर में 31 दिसंबर को एक लेखपाल को फर्जी ट्रैप कर एंटी करप्शन ने पकड़ा। चार अक्टूबर को महाराजगंज में साजिश के तहत एक दलाल को पैसा पकड़ा कर उसका संबंध लेखपाल से बताते हुए जबरन लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
इस प्रकार की साजिशन झूठा फंसाने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कर्मचारियों की छवि खराब करने के उद्देश्य से अगर किसी लेखपाल व कर्मचारियों को साजिशन फंसाया जाएगा तो संघ इसका घोर विरोध करेगा। सचिन यादव, प्रजेश चौरसिया, सौरव यादव, रंजीत कुमार, ईश्वर दयाल, सुनील कुमार, शशांक कुमार, राम पूजन राम, उमाशंकर थे। अध्यक्षता हरे राम यादव व संचालन पवन कुमार पांडेय ने किया।
उधर, बांसडीह तहसील सभागार में लेखपाल संघ के अध्यक्ष आशुतोष पाण्डेय के नेतृत्व में लेखपालों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक एसडीएम को सौपा। नवनीत खरवार, राकेश सिंह, दुर्गेश वर्मा, बसंत सिंह, नवतेज सिंह, लक्ष्मी कांत यादव, विजेंदर राय, सुभाष आदि रहे।