बलिया में आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा और विद्यालयों को बंद करने के आदेश के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान इन्होने कहा कि सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश न केवल सरकार की नीतियों को संदिग्ध बनाता है बल्कि यह सीधे तौर पर गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। प्रदेश सरकार द्वारा जानबूझकर सरकारी विद्यालयों के पास निजी विद्यालयों को मान्यता देने और उन्हें खोलने की नीति अपनाई जा रही है।
आम आदमी पार्टी पदाधिकारियों और सदस्यों ने शनिवार को प्रादेशिक आह्वान पर प्रदेश में बंद हो रहे सरकारी विद्यालयों के खिलाफ राष्ट्रपति को संबोधित पत्रक जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को सौंपा। जिसमें उल्लेख किया है कि प्रदेश सरकार द्वारा 27 हजार सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना बनाई गई है। यह प्रदेश सरकार द्वारा 2020 तक बंद किए गए 26,000 स्कूलों के बाद अब एक नया कदम है।
विज्ञापन
सरकारी स्कूलों को बंद करने का आदेश न केवल सरकार की नीतियों को संदिग्ध बनाता है बल्कि यह सीधे तौर पर गरीब, दलित और पिछड़े वर्ग के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। प्रदेश सरकार द्वारा जानबूझकर सरकारी विद्यालयों के पास निजी विद्यालयों को मान्यता देने और उन्हें खोलने की नीति अपनाई जा रही है, ताकि सरकारी विद्यालयों में छात्र की संख्या कम हो सके और उन्हें बंद करने का रास्ता तैयार हो।
27,000 सरकारी विद्यालयों को बंद करने का आदेश गलत है। इससे न केवल छात्रों की शिक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा, बल्कि इससे कई योग्य शिक्षक बेरोजगार हो जाएंगे। मांग किया है कि इस मामले को संज्ञान लेकर सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों पर तुरंत रोका लगाई जाए। साथ ही सरकारी विद्यालयों को बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रहे।