जयप्रकाश नगर। लॉकडाउन के दौरान एक महीने से विभिन्न प्रांत व जिलों से मजदूरों का पलायन जारी है। कोई पैदल तो साइकिल से ही अपने गांव को जा रहे हैं। बुधवार को भी बिहार के विभिन्न जिले के रहने वाले 43 मजूदर जयप्रभा सेतु होकर अपने गांवों को गए।
मधुबनी जनपद के कड़ाहरा गांव निवासी सोने लाल यादव, बोए लाल यादव, श्याम लाल यादव, अर्जुन यादव, विश्वम्भर यादव, तिलक यादव, बासुदेव यादव समेत कुल 24 मजदूरों ने बताया कि वह तीन दिन पूर्व भदोही से घर के लिए चले थे। इसी तरह सीतामढ़ी जनपद के महिसौथा, बागपथि, मुखा, गोपाल के टोला आदि गांवों के निवासी विजय साह, राघव साह, बृंदावन साह, शम्भू साह, आकाश साह, दिनेश साह, शत्रुध्न साह, अनिल साह, श्रवण साह, मनोज राउत, वीरेश राउत आदि दो टोलियो में 19 मजदूरों ने बताया कि आजमगढ़ जनपद से दो दिन पूर्व अपने अपने घरों को निकले हैं। बताया कि हमलोगों में जिनके पास कुछ पैसा था उसी से दो लोग मिलकर साइकिल खरीदे। इसके बाद किसी पर एक तो किसी पर दो लोग सवार होकर अपने घरों के लिए चले हैं। रास्ते में कहीं भी सरकार द्वारा कोई भोजन की व्यवस्था नहीं थी। हम लोग बिस्किट व खीरा खाते हुए मांझी घाट पहुंचे जहां चांददीयर प्रधान व पुलिसकर्मियों ने एक मॉस्क व दो दो पैकेट चूड़ा गुड़ दिया।
साइकिल चलाकर 12 दिनों में तेलंगाना से छह मजदूर घर पहुंचे
लालगंज। लॉकडाऊन के बाद से ही मजदूरों के बाहर से आने का सिलसिला जारी है। दोकटी थाना क्षेत्र के शिवपुर कपूर दियर पंचायत के सेमरिया बिंद बस्ती निवासी छह युवक मंगलवार को एक हजार किमी से अधिक दूरी साइकिल से तय कर अपने घर पहुंचे।
बताया जाता है कि सेमरीया बिन्द बस्ती के मजदूर घूरा चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, भरत चौधरी, अखिलेश बिन्द व हरिन्द्र पासवान तेलंगाना के सिकंदराबाद जिले में मजदूरी करते थे। लॉकडाऊन के चलते बैठकर खाने में मजदूरी का पैसा खत्म होने के बाद समस्या मंडराते देख बाकी बचे पैसे से साइकिल खरीद घर को निकल पड़े। इन मजदूरों ने बताया कि वह 12 दिनों में घर पहुंचे हैं।