बलिया। लोकनायक वीर लोरिक की वीरगाथा अब नई पीढ़ी तक आधुनिक माध्यमों के जरिये पहुंचेगी। उनकी स्मृति और लोक विरासत को संरक्षित करने के लिए संस्कृति विभाग की ओर से बांसडीह तहसील के हसनपुरा में 4.97 करोड़ से सभागार और पुस्तकालय परिसर का निर्माण कराया जा रहा है।
परियोजना की 1.36 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है और सभागार के फाउंडेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। करीब 350 दर्शकों की क्षमता वाले इस अत्याधुनिक सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। भवन को फायर-प्रूफ बनाने के साथ जलापूर्ति की समुचित व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय कलाकारों को बेहतर मंच देने के लिए साउंड रीइन्फोर्समेंट सिस्टम, एचडी सिनेमैटिक प्रोजेक्शन और इंटेलिजेंट एलईडी स्टेज लाइटिंग की व्यवस्था होगी।
मंच पर मोटराइज्ड कर्टन और फैब्रिकेशन सिस्टम भी लगाया जाएगा। बेहतर ध्वनि और दर्शकों के अनुकूल वातावरण के लिए एकॉस्टिकल एवं इंटीरियर का विशेष कार्य कराया जाएगा। आरसीसी फ्रेम्ड स्ट्रक्चर पर बनने वाले भवन की डिजाइन भारतीय मानक (आईएस) कोड के अनुसार होगी। निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और सीपीडब्ल्यूडी की स्पेसिफिकेशन के अनुरूप कराया जाएगा।
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युवाओं को अपनी लोक विरासत से जोड़ेगा परिसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि वीर लोरिक की वीरता और उनकी लोकगाथाएं प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी गाथाएं साहस, शौर्य और अन्याय के खिलाफ संघर्ष का संदेश देती हैं। हसनपुरा में सभागार और पुस्तकालय का निर्माण उनकी लोकगाथाओं, जीवन और विरासत को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे युवाओं को वीर लोरिक के जीवन और शौर्य से परिचित कराने के साथ उन्हें लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का अवसर मिलेगा।