रसड़ा। जिले के शाहपुरवा में हाईटेंशन करंट से बाप-बेटे की मौत की घटना के चार दिन बाद रविवार को भी ऐसी ही घटना हुई।
रसड़ा के गोपालपुर गांव में 11 हजार वोल्ट की लाइन की चपेट में आने से ममता देवी (50) की मौत हो गई।
गोपालपुर निवासी ममता देवी (50) पत्नी दिवंगत नरसिंह चौबे रविवार की शाम शौच से लौटकर घर आ रही थीं।
इसी दौरान रास्ते में पहले से टूटी पड़ी 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गईं। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं।
उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ममता देवी के पुत्र बसंत चौबे की तहरीर पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। रसड़ा के प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि ममता के पुत्र की तहरीर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना को लेकर प्रधान प्रतिनिधि सोनू पांडेय ने विद्युत निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि पिछले एक वर्ष से जर्जर और टूटी हुई 11 हजार वोल्ट की लाइन को ठीक कराने के लिए जेई सहित विद्युत निगम के अधिकारियों को कई बार सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि विभाग की इसी लापरवाही के कारण ममता देवी की जान चली गई।
ममता देवी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनके परिवार में दो पुत्रियां और एक पुत्र हैं। बड़ी पुत्री माया की शादी हो चुकी है, जबकि पुत्र बसंत और पुत्री छाया की अभी शादी नहीं हुई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।दो महीने के भीतर जिले में करंट से छह लोगों की मौत हुई है। अधिकांश मामलों में टूटे हाईटेंशन तार, जर्जर बिजली लाइन और विद्युत सुरक्षा में लापरवाही सामने आई है।