बिल्थरारोड। मानव धर्म प्रसार समाजसेवी संस्था की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीयर पर व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा सत्याग्रह मंगलवार को अपर मुख्य चिकित्सकाधिकारी डा. मंसूर अहमद के हस्तक्षेप पर समाप्त हो गया। 13 सूत्री मांगों में से छह मांगे मान लिए जाने व अन्य मांगों पर विचार के उपरांत कार्रवाई के आश्वासन पर सत्याग्रह समाप्त हुआ।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर व्याप्त भ्रष्टाचार, धन उगही व चिकित्सकीय सुधार को लेकर मानव धर्म प्रसार की ओर से आठ मई से बेमियादी सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया गया था। सत्याग्रह को उपजिलाधिकारी मुनौव्वर अली व केंद्र अधीक्षक डा. राजनाथ ने समाप्त कराने का प्रयास किया था लेकिन आंदोलनकारी मांगे पूर्ण होने तक अपनी मांगों पर अड़े रहे। मंगलवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मंसूर अहमद सत्याग्रह स्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से वार्ता की। उनकी13 सूत्री मांगों में से डा. अहमद ने एक महिला डाक्टर को पीएचसी बघड़ी से संवद्घ करने,फार्मासिस्ट और एक लिपिक को हटाने समेत पेयजल की माकूल व्यवस्था, पैथालोजी की समुचित व्यवस्था, दवाओं व चिकित्सकों की सूची सर्वजनिक रूप से प्रकाशित करने की मांग तत्काल प्रभाव से मान लिया। 6 प्रमुख मांगों के माने जाने के बाद आंदोलनकारियों से अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इस मौके पर विनोद यादव, ऋषिकेश मिश्र, मुखराम प्रसाद, रिजवान विजेता, परवेज कमाल पाशा, अक्षय लाल यादव, रामजी दास, अजीत यादव आदि मौजूद रहे। सीएचसी पर एंटीरैबीज इंजेक्शन के नाम पर सहिया ग्राम निवासी चंद्रावती से धन उगाही किए जाने की खबर सुन सत्याग्रही उग्र हो गए। इंजेक्शन के लिए सरकारी अस्पताल पर पैसा लिए जाने से सत्याग्रहियों ने जमकर बावाल काटा, विरोध में नारेबाजी की। महिला अपने विकलांग पुत्र को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि फार्मासिस्ट ने इंजेक्शन के नाम पर महिला से 40 रुपए वसूले। मामले की जानकारी होने पर अधीक्षक डा. राजनाथ द्वारा मामले की जांच कर कार्रवाई किए जाने के आश्वासन के बाद सत्याग्रहियों का गुस्सा शांत हुआ।