केंद्र सरकार के वित्तमंत्री पी चिदंबरम के आम बजट में किसी भी वर्ग के लोगों को कोई खास राहत नहीं मिली है। आमजन को इस बार के आम बजट से काफी उम्मीदें थीं। बजट पारित होने के बाद सभी वर्ग के लोग औंधे मुंह गिर गए। चाहे व मकान बनाने का सपना हो या कर्ज का सब पर केंद्र सरकार ने हथौड़ा मार दिया है। आयकर से अमीर जहां कष्ट में हैं, वहीं गरीब राहत में। गुरबत में जीने वालों के लिए बजट में कोई सुविधा नहीं मिली।
आम बजट में पहली बार महिलाओं की सुरक्षा के लिए निर्भया फंड के नाम पर एक हजार करोड़ एवं महिलाओं के लिए अलग से सरकारी बैंक खोलने की मंजूरी बजट में दी गई है। यह स्वागत योग्य है। बजट को लेकर जनपदवासी मायूस दिखे। मोबाइल की कीमतों में बढ़ोतरी से युवा वर्ग भी खासा नाराज है। आम बजट के बाद कोई खास खुशी नहीं देखी गई।