बलिया। क्षेत्रीय किसान संघर्ष समिति के तत्ववाधान में पांच सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। किसान धान गन्ना खरीद में हो रहे लापरवाही के खिलाफ दो दिनों से अपनी आवाज को प्रशासन के सामने उठा रहे हैं। उनकी मांग है कि जिले के सभी धान क्रय केंद्रों को जल्द चालू कराया जाए। किसान गन्ना बकाए का भी भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। जिस पर सिटी एडीएम ने समस्याओं को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया।
बुधवार को धरने के दौरान विभिन्न संगठनों के वक्ताआें ने एक स्वर से किसान आंदोलन को पांच सूत्री मांगाें के लिए समर्थन किया। वक्ताओं ने कहा कि जिले के समस्त धान क्रय केंद्र को तत्काल चालू कराया जाए तथा क्रय की सीमा बढ़ाई जाए। विदेशी चावल, गेहूं और चीनी का आयात बंद किया जाए तथा भारतीय किसानों के उत्पादन को उचित मूल्य दिया जाए। गन्ना किसानों का गन्ना तत्काल क्रय किया जाए और किसानों के बकाया धनराशि का भुगतान कराया जाए। धरने के दूसरे दिन किसानाें और जिला प्रशासन के बीच वार्ता हुई। जिस पर एडीएम सिटी ने संबंधित विभागाें से वार्ता करके धान और गन्ना क्रय की समस्याओं को जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया। साथ ही ऊपर शासन में भेजने की बात कही। किसानों ने चेताया कि 17 जनवरी तक किसानों का संतोषजनक परिणाम नहीं निकला तो 18 जनवरी से किसान आमरण अनशन शुरू करेंगे। धरने में किसान फ्रंट, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, आम आदमी पार्टी, भाजपा, भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने समर्थन किया। इस मौके पर जनार्दन सिंह, डा. सत्य नारायण, आजम खां, अजय कुमार पांडेय, देवेंद्र यादव, अरविंद गोंड, बलवंत यादव, ब्रजेश सिंह, शिवलोचन यादव, कुलदीप सिंह, कमला सिंह, कामेश्वर सिंह, भगवान यादव, रणजीत यादव, सुनील सिंह, राकेश तिवारी, जंग बहादुर सिंह, मुन्ना सिंह, उपेंद्र सिंह, बृजेश राय, राजकुमार आदि लोग मौजूद रहे।