सुखपुरा। क्षेत्र के धान क्रय केंद्रों के साथ ही जिले के दर्जनों केंद्रों पर अब तक एक छटांक भी धान की खरीद नहीं की गई है। आलम यह है कि बिचौलियों के माध्यम से कुछ किसानों का ही धान खरीद किया गया है। विपणन निरीक्षक किसानों से नहीं मिलते, यहां तक कि उनके मोबाइल से भी संपर्क करने में किसानों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
किसानों की हितैषी कहे जाने वाली सपा की सरकार में सबसे अधिक शोषण किसानों का ही देखने को मिल रहा है। प्रकृति की मार झेल चुके किसानों को अब धान क्रय केंद्र के अधिकारियों की उदासीनता की मार झेलने को विवश होना पड़ रहा है। दर्जनों धान क्रय केंद्र किसानों से धान क्रय करने के लिए तो खोल दिए गए हैं, लेकिन शासन की लचर व्यवस्था के चलते किसान हलाकान हैं। उनके लिए बनाए गए क्रय केंद्रों पर खरीददारी नहीं की जा रही है। आलम यह है कि जुगाड़ वाले किसान एवं बिचौलियों से धान क्रय करके केंद्रों का पेट भर लिया जा रहा है। अपायल निवासी किसान सुदर्शन सिंह ने बताया कि खेती करने के बाद धान क्रय केंद्रों की उदासीनता के चलते किसानों को बिचौलियों को ही औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है। उनका मानना है इस सरकार में प्रशासनिक अफसरों की उदासीनता के चलते केंद्रों से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सच्चिदानंद सिंह ने बताया कि जनपद में किसानों की पीड़ा बड़ी ही भयावह है। इस सरकार में सबसे अधिक दोहन किसानों का हो रहा है। सुखपुरा में धान क्रय केंद्र कहां खुला है यह किसी को पता तक नहीं है। जबकि कागज में सुखपुरा के नाम से क्रय केंद्र खोलने की बात की जा रही है। जब इस बावत विपणन निरीक्षक विकास यादव से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल बंद मिला। जबकि पिछले कई वर्षों से सुखपुरा क्रय केंद्र प्रदेश में अव्वल रहा है। उपजिलाधिकारी बांसडीह नरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि क्रय करने वाली एजेंसियां धान क्रय केंद्र खोेलने के समय से ही हड़ताल पर चल रही हैं। उनकी वार्ता सरकार के साथ हो चुकी है। सोमवार से खरीद शुरू करा दिया जाएगा।