बलिया। पारा लुढ़कने का क्रम अनवरत जारी है। गलन भरी ठंड और कोहरे के प्रकोप से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। स्कूली बच्चे ठंड से ठिठुर रहे हैं, हाड़ कंपाने वाली ठंड ने बच्चों को परेशानी में डाल दिया है। दर्जनों बच्चे ठंड से बीमार पड़ गए हैं। विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति संख्या 20 फीसदी तक घट गई है। शीतलहर और कोहरे ने ठंड और गलन में इजाफा कर दिया है। पिछले 48 घंटे से बरकरार घने कोहरे की वजह से शनिवार को पूरे दिन भगवान भास्कर का लोग दीदार नहीं कर सके। पछुआ हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी है। प्रशासन की उदासीनता के चलते ठंड से बचाव के अभी तक कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
कंपकंपाती ठंड और गलन ने जनमानस को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। कोहरे से जहां सड़क यातायात रोज की अपेक्षा काफी कम रहा, वहीं गलन बढ़ने से लोग घरों में कैद रहे। ठंड के कारण मासूम बच्चे और उनके अभिभावक त्रस्त हैं। प्राइवेट स्कूलों में शिक्षण कार्य सुबह शुरू होने की वजह से कड़कड़ाती ठंड में बच्चों को स्कूल जाना पड़ रहा है जिससे अभिभावक भी चिंतित हैं।गलन बढ़ने के बाद भी नगर पालिका तथा जिला प्रशासन अभी तक चुप्पी साधे बैठा है। गरीब लोग सड़क किनारे किसी तरह अलाव जलाकर जिंदगी गुजार रहे हैं। कोहरे से सड़क और रेल मार्ग भी प्रभावित हो गया है। फर्राटा भरने वाले वाहन कोहरे के कारण सुबह 10 बजे तक रेंगते नजर आए। सैकड़ों लोगों ने ठंड के कारण अपनी यात्रा स्थगित कर दी। सुबह की कई बसें समय से नहीं चलीं।
एक तरफ जहां लोग ठंड के मारे ठिठुर रहे हैं, वहीं पशु, पक्षी भी बेहाल हैं। हर तरफ से प्रशासन एक दम से शिथिल नजर आ हा है। जनमानस को राहत देने के लिए प्रशासन ने अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है जिससे आम लोगों में रोष व्याप्त है। नगरा संवाददाता के अनुसार क्षेत्र में पूरे दिन भगवान भास्कर के दर्शन नहीं हुए जिससे ठंड का प्रकोप पिछले तीन दिनों की अपेक्षा और बढ़ गया है। प्रशासन की तरफ से किसी भी चट्टी चौराहे पर अलाव की व्यवस्था नहीं अभी तक नहीं की गई है। बाजार में गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ गई है। ठंड के कारण लोग घरों में दुबके हैं। समाजसेवियों ने प्रशासन से अलाव जलाने के साथ-साथ कंबल आदि वितरण करने की मांग की है। पंदह संवाददाता के अनुसार हड्डी गला देने वाली सर्दी में जहां लोगों का घर से निकलना दुश्वार हो गया है, वहीं ठंड में गरीब, असहाय और बेसहारा लोगों के लिए प्रशासन द्वारा अलाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुरेंद्र यादव तथा विधान सभा महासचिव वीरबहादुर वर्मा ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि ठंड से गरीबों को निजात दिलाने के लिए चट्टी-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की जाए। बांसडीह संवाददाता के अनुसार ठंड का प्रकोप बढ़ जाने के कारण लोग अधिकतर समय घर में ही दुबके रहे।